नोएडा। कमिश्नरेट पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने नौकरी का झांसा देकर 500 से अधिक युवकों को ठगा है। आरोपी साइन डॉट कॉम वेबसाइट से डाटा चोरी कराकर जरूरतमंदों से संपर्क करते थे। इनकी पहचान गाजियाबाद निवासी विशाल, मोहित, विजय और मेरठ निवासी साजिद व बागपत निवासी अक्षय के रूप में हुई है। वहीं, मेरठ निवासी आलोक सिरोही और बागपत निवासी परवेज खान अभी फरार हैं। आरोपियों के कब्जे से 13 डेस्कटॉप, 2 लैपटॉप, मोबाइल, 17 वाकी टॉकी व 17 सिमकार्ड के अलावा सात डेबिट कार्ड और एक पीओएस मशीन बरामद की है।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि नोएडा जोन के सेक्टर-20 कोतवाली क्षेत्र स्थित सेक्टर-3 के ए ब्लॉक की बिल्डिंग में फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था। कॉल सेंटर कर्मी मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहे थे। प्रत्येक व्यक्ति से पंजीकरण के नाम पर 1900 रुपये और कागजात तैयार कराने के नाम 4500 रुपये जमा कराते थे। इसके बाद लोगों को झांसा देते रहते थे और कुछ दिन बाद नंबर बदल लेते थे। आरोपी मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान समेत अन्य राज्यों के लोगों का डाटा चोरी कर उनसे ठगी करते थे। आरोपी साइन डॉट कॉम वेबसाइट से डाटा चोरी कराते थे। लोगों को ठगने के लिए इसी नाम से वेबसाइट भी बना रखी थी। आरोपी वेबसाइट पर आने वाले बायोडाटा को देखकर दूर-दराज के युवाओं को ठगी के लिए चुन लेते थे। अब तक करीब 500 युवाओं ने शिकायत दी। उन्होंने बताया कि अभी मुख्य सरगना कौन है, इस बात का सही से खुलासा नहीं हो पाया है।
तीन दिन से टीम कर रही थी निगरानी
मामले में शिकायत मिलने के बाद तुरंत ही पुलिस की टीम को निगरानी में लगा दिया गया था। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी आरोपियों की कंपनी पर जाकर जानकारी जुटा रहे थे। कई पुलिसकर्मी नौकरी मांगने के लिए भी भेजे गए थे। जब मामला पूरी तरह सत्यापित हो गया तो आरोपियों को कॉल सेंटर से गिरफ्तार किया गया था।