नई दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने एक महिला को आदेश दिया है कि वह अपने पति को उसकी संपत्ति का कब्जा वापस दे। अदालत ने कहा कि महिला यह साबित नहीं कर सकी कि संपत्ति उसकी है।
जिला न्यायाधीश अंकुर जैन ने पति के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि संपत्ति के विक्रय पत्र (सेल डीड) में पति का नाम दर्ज है। साथ ही, महिला के पास ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे वह मालिकाना हक साबित कर सके। अदालत ने यह भी बताया कि महिला ने 2007 के विक्रय पत्र को कभी चुनौती नहीं दी। मामला उस समय शुरू हुआ जब पति ने अदालत में याचिका दायर की कि उसकी पत्नी ने वैवाहिक विवाद के बाद उसे घर से निकाल दिया है। पति ने बताया कि जिस संपत्ति से उसे निकाला गया, वह उसी के नाम पर है। संवाद