नोएडा के सेक्टर तीन निवासी ज्ञानेश सेंगर को वैध वीजा और एयर टिकट होने के बाद भी क्यूबा की यात्रा करने से रोकना एयर फ्रांस एयरलाइन कंपनी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एयर फ्रांस एयरलाइन को तीन लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया।
क्यूबा जाने के लिए वैध वीजा और एयर टिकट होने के बाद भी एयर फ्रांस एयरलाइन कंपनी के अधिकारी ने एयरपोर्ट पर यात्री को रोक दिया। यात्री के नहीं जाने पर उसकी कंपनी को क्षति हुई। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एयर फ्रांस एयरलाइन को तीन लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया। एयरलाइन तीस दिनों में उपभोक्ता को पैसे देने को कहा गया है। तीस दिनों में पैसे नहीं देने पर देय राशि पर 6 फीसदी का ब्याज लगेगा।
विज्ञापन
नोएडा के सेक्टर तीन निवासी ज्ञानेश सेंगर मैसर्स आरैस एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड का अधिकृत व्यक्ति है। कंपनी पूरे विश्व में इंजीनियरिंग परियोजना में कार्य करती है। भारत और क्यूबा में एनपीके उर्वरक संयंत्र की स्थापना और डिजाइन तथा आपूर्ति के लिए के बीच समझौता हुआ था। उर्वरक संयंत्र को अप्रैल 2019 में पूर्ण रूप से चालू किया जाना था। कंपनी के इंजीनियर बिविन बेनी को संयंत्र को अंतिम रूप देने के लिए क्यूबा जाना था। कंपनी के पास क्यूबा जाने के लिए दूतावास से वैध वीजा था। कंपनी ने अपनी इंजीनियर बिविन बेनी के लिए बेंगलुरु से हवाना तक का हवाई टिकट एयर फ्रांस एयरलाइन से बुक किया था।
बीस लाख दिलाने की लगाई थी गुहार
दायर वाद में कंपनी को हुई क्षति के रूप में बीस लाख रुपये दिलाने की गुहार लगाई गई थी। आयोग ने एयर फ्रांस कंपनी को नोटिस जारी किया। लेकिन कंपनी की ओर से कोई भी उपस्थिति नहीं हुआ। मामले में एक पक्षीय सुनवाई की गई। आयोग ने सुनवाई के दौरान माना कि वीजा होने के बाद भी क्यूबा की हवाई यात्रा करने से रोक कर अनुचित व्यवहार है।