सड़कों पर उतरे ई-ब्लॉक निवासी, कहा- यूजीआर का पानी प्रदूषित होगा
सांसद से मिलकर निवासियों ने की शिकायत
नंबर गेम-64 घरों के निवासियों ने हस्ताक्षर कर पत्र सीएम को भेजा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-52 के अंदर ग्रीन बेल्ट में नोएडा प्राधिकरण की सीवरेज पंपिंग स्टेशन (संपवेल) बनाने की तैयारी का विरोध शुरू हो गया है। सेक्टर के ई-ब्लॉक के निवासियों का कहना है कि जहां पर यह सीवरेज पंपिंग स्टेशन बनाया जा रहा है उससे 12 मीटर की सड़क के बाद सेक्टर की पेयजल आपूर्ति का भूमिगत जलाशय (यूजीआर) बना हुआ है। इस यूजीआर में गंगाजल व पास के नलकूप से भू-जल निकालकर मिलाया जाता है फिर पूरे सेक्टर समेत अन्य सेक्टरों में पानी की आपूर्ति होती है। सेक्टर के निवासियों का कहना है कि पास में ही सीवरेज पंपिंग स्टेशन बनने से यूजीआर का पानी प्रदूषित होगा। सेक्टर में गंदगी और बदबू फैलेगी। इसलिए यह पंपिंग स्टेशन कहीं और बनाया जाए।
सेक्टर के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के महासचिव की तरफ से इसको लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में शिकायत की गई है। 64 घरों के निवासियों ने अपने हस्ताक्षर के साथ मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। इसके साथ ही सेक्टर के निवासियों ने सांसद डॉ. महेश शर्मा से मिलकर भी अपनी समस्या बताई है। शनिवार को सेक्टर के निवासियों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। सेक्टरवासी मेहर चंद चौधरी, सुधीर बंसल, राज बहादुर सिंह, पवन कुमार, गुरुचरण, जयचंद, संगीता चौधरी, दीप्ति बंसल, अनीता अग्रवाल, अलका गुप्ता अन्य शामिल रहे। विरोध करने वालों ने कहा कि यह पंपिंग स्टेशन अन्य सेक्टरों के साथ कुछ गांव के सीवरेज के लिए उनके सेक्टर में बनाने की तैयारी है। यहां गंगाजल पार्क भी पास में है। सड़क पर सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग टहलते हैं, बच्चे खेलते हैं। पानी के साथ पूरा वातावरण दूषित होने की आशंका है।
प्लानिंग विभाग ने चिह्नित की है जमीन
सीवरेज पंपिंग स्टेशन बनाने के लिए सेक्टर की ग्रीन बेल्ट में यह जमीन प्राधिकरण के प्लानिंग विभाग ने चिह्नित कर जल विभाग को दी है। प्राधिकरण के जल विभाग के जीएम आर पी सिंह का कहना है कि सेक्टर के सीवरेज निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करीब 3 करोड़ रुपये लागत की यह परियोजना प्रस्तावित की गई है। जीएम का कहना है कि ऐसे ही पूर्व में सेक्टर-33, 34, छलेरा में पंपिंग स्टेशन बनवाया गया है। जीएम ने परियोजना को लेकर रिपोर्ट मांगने और विचार किए जाने की बात कही है।