- छात्रों और शिक्षकों को पढ़ाई से जुड़ी तकनीकों के जरिये कराई जाएगी पढ़ाई
-ग्राफिक्स, प्रजेंटेशन, ऑडियो, वेब पेज व डिजिटल सामग्री बनाने में करेगा मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबंद्ध सभी स्कूलों में आगामी मंगलवार को ऑनलाइन ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया जा रहा है। इसमें छात्रों और शिक्षकों को पढ़ाई से जुड़ी हजारों तरह की तकनीकों के जरिये ग्राफिक्स, प्रजेंटेशन बनाना, ऑडियो, वेब पेज और वीडियो के साथ एनिमेशन के रूप में डिजिटल सामग्री बनाने के बारे में बताया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि 30 जनवरी को करीब एक घंटे का सत्र होगा। इसका मकसद प्रत्येक छात्र और शिक्षक को अपनी रचनात्मकता को उजागर व बेहतर करने के साथ उनका भविष्य के लिए भी कौशल विकसित करना है। अभी शुरुआत हो रही है। आगे 24 फरवरी से नियमित तौर पर इस तरह के सत्र होंगे। दिलचस्प यह कि सीबीएसई स्कूलों को एडोब एक्सप्रेस (प्रीमियम) का लाइसेंस भी मुहैया कराएगा। इसके बाद स्कूल इसका एक्सेस बच्चों को देंगे। इससे बच्चे बगैर कोई शुल्क दिए एडोब साफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके लिए बोर्ड ने एडोब से करार किया है। वहीं, सत्र भी नि:शुल्क है।
सीबीएसई के मुताबिक, एडोब एक्सप्रेस बच्चों की ट्रेनिंग में हर तरह की मदद करेगा। इसमें एआई टूल का भी इस्तेमाल होगा। इससे बच्चे आसानी से ग्राफिक्स, एनिमेशन समेत अन्य डिजिटल सामग्री बना सकेंगे। सीबीएसई का कहना है कि इसका एक फायदा यही भी होगा कि छात्र व शिक्षक एक ही साथ किसी डिजिटल कंटेंट पर काम कर सकेंगे। जरूरत के हिसाब से छात्रों को नियमित तौर से सलाह मिलती रहेगी। वह आसानी से अपनी वर्कशीट और असाइनमेंट बनाकर पीडीएफ में सुरक्षित रख सकेंगे।
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24 फरवरी से हर सप्ताह होगा सत्र
सीबीएसई ने बताया कि अगले महीने से इस तरह के ओरिएंटेशन सत्र हर सप्ताह होंगे। इसकी शुरुआत 24 फरवरी से होनी है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उठाया जा रहा है। इसमें छात्रों के साथ शिक्षकों की भी रचनात्मकता पर ध्यान दिया जाएगा। यह पाठ्यक्रम के साथ डिजिटल तकनीकों को जोड़ेगा। बोर्ड ने परिपत्र में बताया है कि विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की नौकरियों का भविष्य रिपोर्ट के अनुसार, रचनात्मकता को साल 2023 में 10 सबसे अधिक मांग वाले नौकरी कौशल का दर्जा मिला है।