भोजों देवी माता मंदिर में जलते दीये।
भिवानी। शारदीय नवरात्र के पहले दिन सोमवार को शहर के घरों और मंदिरों में मां शैलपुत्री की कलश स्थापना के साथ पूजा-अर्चना की गई। जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुबह से शाम तक भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। देवसर धाम, भोजों वाली माता और पहाड़ी माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने नौ दिन तक चलने वाली अखंड ज्योत के दर्शन किए।
भक्तों ने मंदिर में अखंड ज्योत जलाकर मां से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की और माता की अराधना की। जिला मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर लोहारू रोड स्थित देवसर गांव का धाम विशेष धार्मिक महत्व का है। यहां नवरात्रों में नौ दिन तक मेला लगता है और साल भर पूजा-पाठ व सत्संग चलते रहते हैं।
मंदिर परिसर को भव्य लाइटों और फूलों से सजाया गया है। भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिर कमेटी ने विशेष प्रबंध किए हैं। भक्तों के लिए प्रसाद वितरण और बुजुर्गों के लिए लिफ्ट सिस्टम की व्यवस्था भी की गई है। देर रात तक श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए आते रहे और मेले का आनंद उठाते रहे। माता के भक्त निशा, पूजा, विशाल, रवींद्र और ज्योति ने बताया कि देवसर माता के मंदिर में दर्शन करने से मां दुर्गा सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं। नवरात्रों के दौरान मंदिर में लगने वाले मेले में जाकर पूजा करना विशेष महत्व रखता है। नौ दिन में से किसी भी दिन भक्त मां की पूजा-अर्चना कर सकते हैं।