नोएडा। प्राधिकरण की ग्रीन बेल्ट पर कब्जा करने वाले बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्राधिकरण ने शुक्रवार को लॉजिक्स बिल्डर को नोटिस भेजा है, जबकि एमएमआर और वेव को नोटिस देने की तैयारी है। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक जांच में ग्रीन बेल्ट पर कब्जा पाया गया है। वहीं, शहर की कई अन्य सोसाइटियों व मॉल आदि के आसपास जांच कराई जा रही है। इनमें भी ग्रीन बेल्ट पर कब्जा मिलने पर प्राधिकरण कार्रवाई करेगा। इसकी अंतिम रिपोर्ट सीईओ रितु माहेश्वरी को दी जाएगी।
एमराल्ड कोर्ट मामले में ग्रीन बेल्ट पर कब्जे की बात सामने आने के बाद प्राधिकरण सचेत हो गया है। यही वजह है कि शहर के सभी 168 सेक्टरों में जांच शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में सेक्टर-32 के लॉजिक्स मॉल प्रबंधन को नोटिस दिया गया है। यहां प्राधिकरण की ग्रीन बेल्ट में टीन शेड लगाकर स्टोर आदि का अस्थायी निर्माण किया गया है। इस बाबत बिल्डर को जवाब देने को कहा गया है। इसके अलावा ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह सेक्टर-52 स्थित एमएमआर बिल्डर की साइट पर पहुंचे। यहां ग्रीन बेल्ट के कुछ हिस्से पर प्राथमिक जांच में कब्जे की सूचना है। हालांकि, अभी वर्क सर्किल के प्रभारियों व उद्यान विभाग की टीम भी जाकर जांच करेगी, तभी पूरा मामला खुलेगा। साथ ही, सेक्टर-32 में वेव ग्रुप की साइट पर भी प्राधिकरण की टीम जाकर जांच करेगी। यहां भी कब्जे की बात सामने आ रही है।
पैमाइश कराएगा प्राधिकरण
सभी बिल्डर साइटों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों व मॉल आदि के आसपास ग्रीन बेल्ट की जमीनें खंगाली जाएंगी। यहां पैमाइश आदि कराकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्राधिकरण की जमीन तो कहीं कब्जे में नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, जहां-जहां भी ग्रीन बेल्ट पर कब्जे की बात सामने आएगी। वहां यह जांच कराई जाएगी कि जमीन कितने समय से कब्जे में है और प्राधिकरण को कितनी क्षति पहुंची है। इसी आकलन के साथ संबंधित आरोपी को दंडित करने की भी योजना है।