तावडू। वृद्धावस्था पेंशन के रिकॉर्ड में वृद्ध महिला को मृत दिखा कर उसकी पेंशन रोक दी। महिला को पिछले दो महीने से मिलने वाली पेंशन नहीं मिल पाई है। इस मामले में लापरवाही चाहे किसी की भी हो, लेकिन पीड़ित परिवार पेंशन बंद होने से परेशान है। पीड़ित वृद्ध महिला को साथ लेकर परिजन तावडू तहसील व सरकारी अस्पताल में उन्हें जिंदा दिखाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
इस बात का खुलासा उस समय हुआ, जब गांव छारौड़ा निवासी मिहरी पत्नी नूर मोहम्मद के पोत्र आमिर नजदीकी सीएससी केंद्र पर अपनी बुजुर्ग दादी की पेंशन बंद होने का कारण पूछा। जहां पर समाज कल्याण विभाग की साइट पर एपीआर पर उसकी दादी को 15 अपैल 2022 को मृत दिखाया गया है। जिसके चलते वृद्धा को समाज कल्याण विभाग से मिलने वाला बुढ़ापा सम्मान भत्ता अप्रैल से मिलना बंद हो गया है। जबकि उसकी दादी मां की उम्र करीब 77 साल है और वह आज भी पूरी तरह से चल फिर रही है।
इस मामले की शिकायत, उन्होंने तहसील कार्यालय व सरकारी अस्पताल में पहुंचकर की है। लेकिन पेंशन नहीं मिल पाई है। आमिर खान का कहना है कि उसकी दादी के जिंदा होते हुए उसे मृत दिखाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और उसकी दादी की पिछले दो महीने से रूकी हुई पेंशन पुन: शुरू करवाई जाए।
यह हो सकता है कि किसी अन्य आधार नंबर पर बुजुर्ग मिहरी की वृद्वा पेंशन चल रही हो और अब उस आधार नंबर के महिला या पुरुष की मृत्यु के कारण पेंशन बंद हो गई हो, लेकिन सही कारणों का पता तो रिकॉर्ड देखने के बाद ही चल पाएगा। महिला की पेंशन दोबारा से फार्म भर कर चालू करवा दी जाएगी।
सरफराज आलम, जिला समाज कल्याण विभाग अधिकारी, नूंह