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Noida News: नकली दवा सिंडिकेट में अब दंपती गिरफ्तार

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Iपंजाब के जीरकपुर से हुई गिरफ्तारी, आरोपियों के खातों से हुआ 14 करोड़ का लेनदेन
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Iगिरोह में सरगना समेत 12 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं अब तक
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Iनकली दवाएं बनाने और बेचने के सिंडिकेट में शामिल एक दंपती को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बृहस्पतिवार को पंजाब के जीरकपुर से गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों की नकली दवाएं उत्तराखंड समेत छह राज्यों में सप्लाई करते थे।
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Iदंपती नकली दवाओं के धंधे में कितना आगे बढ़ चुके थे इसका अंदाजा उनकी फर्जी कंपनियों के खातों की जांच से हुआ है जिनमें दो साल में 14 करोड़ का लेनदेन सामने आया है। इनकी गिरफ्तारी पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मामले में अब तक 12 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
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Iएसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नकली दवा रैकेट के संबंध में महत्वपूर्ण सूचनाएं मिली हैं जिन पर आगे की जांच और धर-पकड़ जारी है। आरोपी पानीपत (हरियाणा) निवासी प्रदीप कुमार और उसकी पत्नी श्रुति दोनों जीरकपुर में एक फ्लैट लेकर रह रहे थे। आरोप है कि वे नकली दवाइयां पैक करने के लिए ब्रांडेड मेडिसिन कंपनी के प्रिंटेड एल्यूमीनियम फॉयल हिमाचल प्रदेश के बद्दी से विजय कुमार पांडे की फर्म से बनवाते थे। पानीपत में अभियुक्त प्रदीप कुमार का एक एपी मेडिकोज नाम से मेडिकल स्टोर भी चलता है।
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Iगिरोह का पर्दाफाश बीती एक जून को संतोष कुमार की गिरफ्तारी से हुआ था जिसके पास से भारी मात्रा में नकली दवा के रैपर, बॉक्स और क्यूआर कोड बरामद हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। जांच में पता चला कि प्रदीप और उसकी पत्नी श्रुति इस गिरोह के प्रमुख सदस्य हैं। प्रदीप ने अपनी पत्नी के नाम पर साई फार्मा नाम से एक फर्म खोली थी जिसके माध्यम से वे नकली दवाओं का कारोबार कर रहे थे। ये लोग देहरादून और हरिद्वार की फैक्टरियों से नकली दवाएं बनवाकर राजस्थान के भिवाड़ी मंगाते थे। वहां दवाओं को पैक करने के लिए नकली रैपर और एल्यूमीनियम फॉइल का इस्तेमाल किया जाता था।
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Iइससे पहले गिरोह का मास्टरमाइंट नवीन बंसल, संतोष कुमार, आदित्य काला, देवी दयाल गुप्ता, पंकज शर्मा, विजय कुमार पांडे, प्रदीप गौड़, शिशिर सिंह, शैलेंद्र सिंह और तेजेंद्र कौर एसटीएफ की पकड़ में आ चुके हैं। इनमें पांच दवा कंपनियों के मालिक भी शामिल हैं।
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Iदून के एक अस्पताल में भी बेच चुका है नकली दवाएं
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Iएसएसपी भुल्लर ने बताया कि आरोपी प्रदीप दो साल पहले देहरादून स्थित वेलमेड अस्पताल में पार्टनरशिप में केयर पॉइंट मेडिकल स्टोर भी चला चुका है। वहां भी उसने नकली दवाइयां सप्लाई की थीं। प्रदीप के खिलाफ इससे पहले 2021 में पानीपत में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने का केस दर्ज है। एसटीएफ का कहना है कि इस गिरोह के बाकी सदस्यों और पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है ताकि धंधे की जड़ तक पहुंचा जा सके।I
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