महिला सुरक्षा में कोताही पर 8000 संस्थानों को नोटिस
ग्रेटर नोएडा। महिला सुरक्षा में कोताही बरतने पर जिला प्रशासन ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 8000 संस्थानों (कंपनी, शोरूम, कॉल सेंटर, ऑफिस) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सभी संस्थानों ने महिला सुरक्षा के लिए इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) का गठन करना और शोर मोबाइल एप्लीकेशन व वेबसाइट पर पंजीकरण कराना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों को 15 दिन का समय दिया है। अगर फिर भी संस्थानों ने नियमों का पालन नहीं किया तो फिर उन पर जुर्माना लगाने और पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है।
जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के मामले में प्रशासन गंभीर है। अगर किसी कार्यस्थल पर 10 या उससे अधिक महिलाएं काम करती है तो वहां पर आईसीसी का गठन होना जरूरी है। ताकि, यौन उत्पीड़न की शिकायत महिलाएं कर सकें। सभी संस्थान को कमेटी के संबंधित रिपोर्ट हर वर्ष जनवरी माह में जिलाधिकारी को उपलब्ध करानी होती है। रिपोर्ट में कमेटी बनी है या नहीं, कितनी शिकायत दर्ज हुई और कितनी का निस्तारण कराया गया आदि जानकारी देनी होती है। वहीं 18 अक्तूबर को शोर नाम से वेबसाइट और मोबाइल एप्लीकेशन की शुुरुआत की गई थी। जिले की करीब 10 हजार संस्थानों को वेबसाइट पर अपने आप को पंजीकरण कराना था। पंजीकरण होने के बाद संस्थानों को जिलाधिकारी कार्यालय आने की जरूरत नहीं थी।
वेबसाइट पर ही अपनी रिपोर्ट अपडेट कर सकते हैं। लेकिन अभी तक 8 हजार संस्थानों ने अपना पंजीकरण नहीं कराया है। कमेटी से जुड़ी रिपोर्ट भी नहीं दी है। जबकि, 30 नवंबर तक पंजीकरण कराने का समय दिया गया था। डीएम ने बताया कि पिछले चार दिन के अंदर सभी 8 हजार संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।
50 हजार से एक लाख तक लगेगा जुर्माना
डीएम ने बताया कि अगर संस्थानों ने नियमों का पालन नहीं किया तो माना जाएगा कि वो महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। पहली बार में उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उसके बाद भी अगर नियमों का पालन नहीं किया तो फिर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उसके बाद संस्थान की फर्म का पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।