ग्रेटर नोएडा में नौ फरवरी को हुई बाइक लूट के मामले में पुलिस को 22 फरवरी तक लुटेरों का कोई सुराग नहीं लगा। इस दौरान किशोर गोविंदा को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घर से उठाया था।
गलत मुखबिरी की वजह से उसकी जमकर पिटाई की गई। गोविंदा के चाचा पुष्पेंद्र ने ईकोटेक-1 कोतवाली में आरोपी दरोगा और सिपाही के खिलाफ इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराने के लिए शिकायत दी थी।
पुलिस ने शनिवार देर शाम तक भी मुकदमा दर्ज नहीं किया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में पुलिस अफसरों ने परिजन को मुकदमा दर्ज नहीं करने के लिए मना लिया है।
आत्महत्या के लिए दबाव बनाने में हो केस दर्ज
अब पुलिस अपराध में संलग्न हो चुकी है। भाजपा सरकार से इसकी छूट मिली हुई है। आरोपी पुलिसकर्मियों पर आत्महत्या के लिए दबाव डालने और रंगदारी मांगने का मामला दर्ज होना चाहिए। इस मुद्दे को सपा जोर-शोर से उठाएगी।- राजकुमार भाटी, राष्ट्रीय प्रवक्ता सपा
पुलिस बन गई तानाशाह
पुलिस अब तानाशाह बन गई है। आम लोगों को टाॅर्चर कर रही है। कानपुर में भी इस तरह की घटना हुई थी, अब ग्रेटर नोएडा में भी यह दोहराया गया है। लोगों को टॉर्चर करना पुलिस का शगल बन गया है। इस मामले को आलाकमान तक पहुंचाया गया है। आलाकमान से हरी झंडी मिलने पर इस मामले को बड़ा मुद्दा बनाया जाएगा। - दिनेश शर्मा, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
भाजपा सरकार में पुलिस अपना रही मनमाना रवैया
कानपुर में भी इसी तरह की घटना हुई है। अब ग्रेटर नोएडा में भी पुलिस ने अपना रूप दिखा दिया है। भाजपा सरकार में पुलिस मनमाना रवैया अपना रही है। इस मामले को उठाया जाएगा और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा। - जर्नादन भाटी, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय लोकदल