नोएडा के सेक्टर- 27 में छाया स्मॉग । फोटो राजन राय
ग्रेटर नोएडा/नोएडा । प्रदूषण के स्तर में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। रविवार की अपेक्षा सोमवार को वायु गुणवत्ता खराब रही। शाम चार बजे जारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बुलेटिन के मुताबिक नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूूआई) 321 रहा। यह एनसीआर में तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। वहीं 310 एक्यूआई के साथ ग्रेटर नोएडा एनसीआर का पांचवां सबसे प्रदूषित शहर रहा।
इधर रोक के बावजूद शहरवासी चोरी छिपे कूड़ा-कचरा जला रहे हैं। सोमवार को भी परी चौक के समीप स्थित तुगलपुर गांव में लोग कूड़े में आग लगाते दिखे। वहीं शहर के विभिन्न चौराहों पर प्राधिकरण के ठेकेदार रात के अंधेरे में तारकोल जलाकर लगातार सड़क निर्माण कार्य कर रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी भुवन यादव ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
उद्यमियों ने की प्राधिकरण से शिकायत
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर इकोटेक उद्योग विहार स्थित एक निजी कोटिंग कंपनी से क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है। आसपास की औद्योगिक इकाइयों के लोग बीमार होने लगे हैं। क्षेत्र में पेड़-पौधों पर धूलकण की मोटी परत दिखने लगी है। कुछ जागरूक इकाइयों के उद्यमियों ने इसकी शिकायत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से की है। प्राधिकरण व प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
19 से 21 के बीच हो सकती है बारिश
मौसम विभाग के अनुसार शहर में फिलहाल हवाओं की गति सामान्य है। लेकिन 19 नवंबर से मौसम का रुख बदलेगा। 19 से 21 नवंबर के बीच शहर में बारिश की संभावना हैं। विभाग के मुताबिक उस दौरान हवा की गति तेज रह सकती है। जिससे तात्कालिक तौर पर प्रदूषण से थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि नवंबर के अंत में व दिसंबर में ठंड बढ़ने के कारण हालात में फिर एक बार बदलाव देखे जा सकेंगे। इस सप्ताह में शहर का तापमान अधिकतम 26 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं।
स्वास्थ्य का रखें ख्याल
प्रदूषण एवं बदलते मौसम के बीच कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग लगातार सांस के रोगियों को घर में ही रहने का सुझाव दे रहा है। साथ ही गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं कमजोर इम्युनिटी वालों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।