साइबर क्राइम थाने की प्रभारी निरीक्षक रीता यादव ने बताया कि इस मामले की जांच के बाद पता चला कि बरेली का एक गैंग है जो इस तरह से मेल भेजकर लोगों के साथ ठगी कर रहा है। जांच के दौरान पुलिस की टीम ने शुक्रवार को बरेली के गांव तिलयापुर, थाना सीवी गंज से अकीलुद्दीन, अनीस अहमद और असलीम खान को गिरफ्तार कर लिया। इनमें अकीलुद्दीन और अनीस दसवीं पास हैं। जबकि असलीम खान आठवीं पास है। पुलिस की टीम इस गिरोह के अन्य आरोपियों के बारे में पता लगा रही है।
गिरोह के सरगना की तलाश
सबसे पहले इस मामले की रिपोर्ट बिसरख थाने में दर्ज हुई थी। बाद में इसकी जांच साइबर थाने में ट्रांसफर हो गई थी। इस मामले में पुलिस 3 आरोपियों को पहले ही जेल भेज चुकी है। इनमें गुरुग्राम निवासी पति-पत्नी और एक अन्य आरोपी शामिल हैं। अब तक इस मामले में कुल 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। हालांकि अभी इस गिरोह के सरगना के बारे में पुलिस पता नहीं लगा पाई है। बताया जाता है कि इस गिरोह का सरगना कई अन्य लोगों के साथ मिलकर इस तरह की कई और ठगी की है।
बीस हजार देकर खुलवाते थे फर्जी खाते
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ये लोग बरेली के दंतिया गांव के रहने वाले जाबिर और राशिद से आईडी व अन्य दस्तावेज लेकर आधार कार्ड में नाम पता बदलवा कर हरियाणा, पंजाब से लेकर अन्य राज्यों में बैंक खाते खुलवाते हैं। उनका एटीएम, पासबुक, चेकबुक, रजिस्टर मोबाइल नंबर अपने पास रख लेते हैं। इसके बदले में प्रति बैंक खाते बीस हजार रुपये देते थे। जाबिर और राशिद ने इस गिरोह के लिए करीब 95 बैंक खाते खुलवाए हैं। पुलिस को अभी 25 खातों में 13 लाख मिले हैं, जिन्हें फ्रीज करा दिया गया है। इसके अलावा आरोपियों के पास से 3 मोबाइल, 5 डेबिट कार्ड, प्रेस कार्ड समेत अन्य कागजात मिले हैं।
लंदन में प्रॉपर्टी का वारिस बनाने के नाम पर 60 लाख की ठगी करने वाले एक साइबर ठग गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी ई मेल भेजकर ठगी करते थे। इन आरोपियों के बैंक खातों का फ्रीज करा दिया गया है। इस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - डॉ. त्रिवेणी सिंह, एसपी, साइबर क्राइम