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नोएडा एयरपोर्ट : दूसरे चरण की जमीन खरीदने की तैयारी

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नोएडा एयरपोर्ट : दूसरे चरण के लिए जमीन खरीदने की तैयारी
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ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट के पहले चरण के करार के साथ ही अब दूसरे चरण की जमीन अधिगृहीत करने की तैयारी भी शुरू हो गई है। दूसरे चरण में 1800 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी। इस पर करीब 4500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस जमीन पर मेंटेनेंस, रिपेयर ओवरहालिंग (एमआरओ) सेंटर और तीसरा रनवे बनेगा।
एयरपोर्ट जेवर के आसपास के 19 गांवों की 5000 हेक्टेयर एरिया जमीन पर प्रस्तावित है। इसका पहला चरण 1339 हेक्टेयर में बनने जा रहा है। इसमें दो रनवे बनेंगे। इसके लिए 7 अक्तूबर को ज्यूरिख कंपनी के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) का करार भी हो चुका है। ज्यूरिख कंपनी अब एयरपोर्ट का नक्शा तैयार कर रही है। कंपनी उसे दो माह में जमा करेगी। इस पर मुहर लगने के बाद नींव रखी जाएगी। इस बीच प्रदेश सरकार के निर्देश पर नियाल ने दूसरे चरण के एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिगृहीत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नियाल प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसे शीघ्र ही जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। जिला प्रशासन इसे अधिगृहीत करेगा। दूसरे चरण की जमीन भी अधिग्रहण के जरिये ही किसानों से ली जाएगी। 1800 हेक्टेयर जमीन के लिए करीब 4500 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें से प्रदेश सरकार 2000 करोड़ रुपये दे चुकी है। बाकी रकम नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण वहन करेंगे। जमीन लेते ही तार बंदी भी की जाएगी। इसके बाद तीसरे चरण की जमीन खरीदी जाएगी। तीसरे चरण में भी 1800 हेक्टेयर जमीन ली जानी है।
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देश का सबसे बड़ा एमआरओ सेंटर बनेगा
एयरपोर्ट के दूसरे चरण की जमीन के बड़े हिस्से पर एमआरओ सेंटर बनेगा। यहां विमान रिपेयर हो सकेंगे। इस सेंटर से हजारों युवाओं को रोजगार व भारी निवेश की उम्मीद है। इसके बनने से विमानों को रिपेयर कराने के लिए विदेश नहीं जाना पड़ेगा। देश में एकमात्र एमआरओ सेंटर नागपुर में है, लेकिन वह छोटा है। मुंबई एयरपोर्ट तक आने वाले विमान तो वहां जाकर दुरुस्त हो जाते हैं, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट आने वाले विमान को नागपुर सेंटर ले जाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में विमान जिस देश की उड़ान भर रहे होते हैं वहीं एमआरओ करा लेते हैं। इससे देश की आमदनी का बड़ा जरिया विदेश चला जाता है। दुनिया भर में एमआरओ इंडस्ट्री का कारोबार करीब 48 हजार करोड़ रुपये का है, जिसमें भारत का योगदान सिर्फ एक प्रतिशत है।
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एयरपोर्ट के दूसरे चरण की जमीन का अधिग्रहण शीघ्र शुरू होगा। इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जिला प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। इस बार भी अधिग्रहण के जरिए ही किसानों से जमीन ली जाएगी। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, नियाल
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