जमीन अधिग्रहण के समय नाबालिग बच्चों के लिए लोगों ने रिश्तेदारों से 10वीं की मार्कशीट मंगाकर उनके बालिग होने का दावा प्रस्तुत किया। ऐसे मामले आने पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने बोर्ड की ऑनलाइन साइट पर जांच की तो पता चला कि बच्चे का नाम तो सही है, लेकिन माता-पिता का नाम बदला हुआ है। जिसके बाद ऐसे आवेदकों के आवेदन निरस्त कर दिए गए।
5वीं पास की फर्जी मार्कशीट भी पेश की
कुछ लोगों ने स्वयं को बालिग बताने के लिए 5वीं पास की फर्जी मार्कशीट प्रस्तुत कर दी। जिसमें आवेदकों ने असली मार्कशीट की कॉपी को स्कैन कराते हुए उसमें बदलाव कर दिया, लेकिन स्कूल के रिकॉर्ड में मामला फर्जी निकला। ऐसे लोगों को भी प्लॉट और मुआवजे की दौड़ से अलग कर दिया गया।
एयरपोर्ट से प्रभावित किसान परिवार के सभी बालिग सदस्यों को नौकरी या उसके बदले 5.5 लाख रुपये और भूखंड दिया जाना था। इसके लिए आवेदन मांगे गए, लेकिन कुछ लोगों ने गलत तरीके से शैक्षिक प्रमाणपत्र और विवाहित होने के बाद भी अविवाहित बताते हुए दावे किए थे। जांच में सच्चाई सामने आने के बाद ऐसे सभी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है।- रजनीकांत मिश्र, एयरपोर्ट प्रभारी व उपजिलाधिकारी जेवर