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नोएडा एयरपोर्ट : ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन से भी मिली मंजूरी

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ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन (बकास) से मंजूरी मिल गई है। बुधवार को इस बाबत पत्र नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) को मिल गया। यह केंद्र सरकार की तरफ से आखिरी औपचारिकता थी। अब नोएडा एयरपोर्ट की नींव रखे जाने की सभी कागजी प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब किसी भी दिन नींव रखने की तिथि घोषित की जा सकती है।
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नोएडा एयरपोर्ट के लिए केंद्र सरकार से चार एनओसी की दरकार थी। दिसंबर में इसके लिए आवेदन किया गया था। रक्षा मंत्रालय, नागर विमानन महानिदेशालय, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और बकास शामिल हैं। बाकी तीनों से पहले ही एनओसी आ चुकी है। बकास से बुधवार को एनओसी जारी हो गई है। ब्यूरो से उत्तर प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग को एनओसी आई। वहां से नियाल को सूचना दी गई है। इन चारों संस्थाओं की तरफ से कुछ सुझाव भी दिए गए हैं। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की तरफ से सौंपे गए मास्टर प्लान में इन सुझावों का समावेश किया जाएगा।
इन संस्थाओं की तरफ से सुझावों पर ज्यूरिख कंपनी से अमल कराने के लिए यीडा सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कंपनी अगले 15 दिनों में ये सुझाव शामिल करते हुए फाइनल मास्टर प्लान नियाल को सौंपेगी। इसके बाद यीडा व नियाल की बोर्ड बैठक में मुहर लग जाएगी। बकास से एनओसी मिलने के बाद नोएडा एयरपोर्ट की नींव जल्द रखे जाने की संभावना है। इसकी तैयारी भी पहले से ही शुरू है। अब प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से नोएडा एयरपोर्ट के शिलान्यास की तिथि का इंतजार है।
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बकास से एनओसी मिल गई है। रक्षा मंत्रालय, नागर विमानन महानिदेशालय व एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से मिले सुझावों पर अमल करते हुए 15 दिन में फाइनल मास्टर प्लान तैयार करने का लक्ष्य है। उसके बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। - शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी, नियाल
निर्माण शुरू कराने व इवेंट मैनेजमेंट कंपनी का चयन जल्द
एयरपोर्ट की नींव जल्द रखे जाने के मद्देनजर तैयारी भी तेज हो गई है। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की तरफ से नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण की इच्छुक कंपनियों के लिए टेंडर निकाल दिया है। इसकी कंपनी जल्द चयनित कर ली जाएगी। साथ ही शिलान्यास कार्यक्रम कराने के लिए भी इवेंट कंपनी की चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए भी टेंडर जारी हो चुका है। दोनों कार्यों के लिए कंपनियों का चयन दो माह में करने का लक्ष्य है।
कब क्या हुआ
-06 जुलाई 2017 को नोएडा एयरपोर्ट के लिए जेवर की साइट को मिली मंजूरी
-5 अक्तूबर 2017 को गृह मंत्रालय से नोएडा एयरपोर्ट को मिली हरी झंडी
-11 जनवरी 2018 में रक्षा मंत्रालय ने दी मंजूरी
-9 मार्च 2020 को पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी मिली
-07 अक्तूबर 2020 को ज्यूरिख कंपनी के साथ कंसेशन एग्रीमेंट पर साइन हुआ
जेवर बांगर में 1146 भूखंड और तैयार, किसानों को जल्द मिलेंगे
ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट के प्रभावित परिवारों को जेवर बांगर में बसाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। यहां पर 1146 भूखंड और विकसित हो गए हैं। ये भूखंड रोही के प्रभावित परिवारों को आवंटित किए जाएंगे। एयरपोर्ट परियोजना में 3627 परिवार आए हैं। इन परिवारों को जेवर बांगर में बसाया जा रहा है। इसके लिए जेवर बांगर में 49 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हुआ है। शासन ने यहां पर सेक्टरों की तरह सुविधाएं विकसित करने के लिए यमुना प्राधिकरण को नोडल एजेंसी नियुक्त किया है। यमुना प्राधिकरण समय से पहले कामों को पूरा कराने के लिए लगा हुआ है। अब तक 1000 से अधिक भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि पॉकेट 1 में 1146 भूखंड विकसित हो गए हैं। जल्दी इन भूखंडों को जिला प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। जिला प्रशासन किसानों को भूखंड आवंटित करेगा।
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