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Noida News: सार्वजनिक परिवहन सुविधा नहीं, रैपिडो और कैब चालकों की मौज

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-चंद कदमों की दूरी का 50 से 100 रुपये तक वसूल रहे किराया
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संवाद न्यूज एजेंसी

ग्रेटर नोेएडा।
शहर में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं है। दैनिक यात्री, छात्र, कर्मचारी समेत लोग निजी परिवहन सुविधा पर निर्भर है। इन दिनों रैपिडो, कैब चालकों को सारा दिन और रात सवारियां मिलने से आर्थिक लाभ हो रहा है। चंद कदम की दूरी पर जाने के लिए ही पचास से एक सौ रुपये तक किराया वसूलते है। लंबे समय से लोग सिटी बस चलाने की मांग कर रहे है।
ग्रेटर नोएडा शहर में लोकल रूटों पर रोडवेज और निजी बसें नहीं है। बस सेवा नहीं होने पर कुछ रूटों पर ऑटो और ई-रिक्शा ही चलते है। इनके अलावा भी ऐसे स्थान मौजूद है। जिन स्थानों के लिए कोई परिवहन सुविधा नहीं है। उन स्थानों के लिए सेक्टरवासियों को आने जाने के लिए रैपिडो और कैब से यात्रा करनी होती है। शहर में ही पांच से दस किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए एक सौ से लेकर दो सौ रुपये तक किराया वसूला जाता है। ऐसे स्थानों के लिए जाने के लिए रैपिडो और कैब चालक मैट्रो स्टेशन, परी चौक, सूरजपुर टी-प्वाइंट समेत प्रमुख स्थानों पर जमे रहते है। बिना बुकिंग के भी सवारियों को बैठाकर ले जाते है। ऑनलाइन बुकिंग के बिना यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक वसूला जाता है।
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बोले लोग
यात्री दीपक ने बताया कि अल्फा कॉमशियल बेल्ट से ऑमीक्रोन जाने के लिए रैपिडो ने उसके दो सौ रुपये किराया लिया। आठ से दस चालक वहां पर दो सौ रुपये किराया मांगा गया। बिना ऑनलाइन बुकिंग के बैठाकर ले गया। किराया भी नकद में लिया गया।
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-यात्री कुलदीप नागर ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र साइट-4, पैरामाउंट, ऑमीक्रान-3, सिग्मा, सेक्टर 36, बिरौंडी समेत कई स्थान ऐसे ही जिन स्थानों के लिए ऑटो नहीं चलते है। इन स्थानों के लिए कैब और रैपिडो ही यात्रा करने का साधन है।
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