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Noida News: बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मुश्किलें कम नहीं

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4748 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया
नंबर

8710 लोग बाढ़ से हुए प्रभावित
6000 से ज्यादा जानवरों को बाहर निकाला गया
संवाद न्यूज एजेंसी

नोएडा। जिले में बाढ़ से लगभग 8710 लोग प्रभावित हुए हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक इनमें से 4748 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके साथ ही छह हजार से अधिक पशुओं को पानी से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी व पुलिस की कई टीमें तैनात की गई थी। सोमवार को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ का कार्य पूरा हो गया था। प्रशासन ने विस्थापितों के लिए वाजिदपुर के कई सामुदायिक भवन में राहत शिविर बनाया है। जहां खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। साथ ही स्वास्थ्य शिविर की टीम भी तैनात की गई है। डॉ. शाहनवाज के मुताबिक अबतक 500 के करीब लोगों का उपचार किया जा चुका है।
जिले में बाढ़ से सेक्टर-135,168, वाजिदपुर, गढ़ी गांव, नगला नगली, मकनपुर खादर व यमुना किनारे बसे क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। वाजिदपुर डूब क्षेत्र में बने फार्म हाउस, नर्सरी, और गोशाला में यमुना का पानी घुस जाने से काफी नुकसान हुआ है। यहां मजदूर वर्ग की रिहाइश सबसे ज्यादा थी। प्रशासन ने बचाव अभियान चलाकर लोगों और मवेशियों को बाहर निकाल लिया है। हालांकि सोमवार को एक महिला प्रशासन से दो गायों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से निकालने की गुहार लगाने पहुंची थी।
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खतरे के निशान से दो मीटर नीचे पहुंचा जलस्तर

यमुना के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। ओखला बैराज पर यमुना का जलस्तर 198.70 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से दो मीटर नीचे है। हालांकि कम होते जलस्तर के साथ अभी खतरा अभी टला नहीं है। दरअसल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में अभी कई पशु मरे होने की भी आंशका है, जिसमें बीमारियां फैलने की संभावना है।


बाढ़ दे गई जिंदगी भर का दर्द
जिले में आई बाढ़ कई विस्थापितों को जिंदगी भर का दर्द दे गई। पुस्ते के दूसरी तरफ डूब क्षेत्र में बने विष्णु मंदिर के पुजारी दीपक चंद्र शास्त्री बताते है कि बाढ़ ने हमारा सब कुछ तबाह कर दिया। अचानक से पानी आने के कारण उन्हें सामान निकालने का मौका ही नहीं मिला। यह स्थिति अकेले दीपक चंद्र की नहीं, बल्कि उन जैसे सैकड़ों लोगों की है। पुस्ते के दूसरी तरफ डूब क्षेत्र के फार्म हाउस में माली का काम करने वाले गुलदीप सैनी बताते है कि उन्हें भी निकलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अगर हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो वह बदायूं स्थित गांव चले जाएगें।
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कोट
जिनके फार्म हाउस हैं, या जो मजदूर अपने सामान व घर देखने जाना चाह रहे हैं, उनके आधार कार्ड की कॉपी जमा करके बारी-बारी से ट्रैक्टर से अंदर ले जाया जा रहा है। उनके साथ सिपाही भी जा रहे हैं, ताकि कोई चोरी की घटना नहीं हो और उनकी सुरक्षा भी की जा सके। - सौम्या सिंह, एसीपी
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