एनएचएम ने रोकी ट्रामा सेंटर और डायलिसिस यूनिट की फाइल
ग्रेटर नोएडा। ट्रामा सेंटर की आस लगाए बैठे राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) प्रशासन को शासन से झटका लगा है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने ट्रामा सेंटर और डायलिसिस यूनिट की फाइल रोक ली है। इसके पीछे शुरुआती वजह बजट नहीं होना है। सूत्रों के अनुसार, ट्रामा सेंटर की फाइल चलने में लेटलतीफी और डायलिसिस यूनिट की कार्रवाई रुकने के पीछे और कारण भी हैं। जिम्स प्रबंधन ने शासन स्तर पर होने वाली गवर्निंग बॉडी की बैठक में मुद्दा उठाने की बात कही है।
जिम्स में ट्रामा सेंटर, डायलिसिस यूनिट और नेशनल रिहेबिलेशन सेंटर (एनआरसी) का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने वाले एनआरसी का प्रस्ताव पूर्व में ही ठंडे बस्ते में चला गया था। इसके बाद ट्रामा सेंटर और डायलिसिस यूनिट की उम्मीद थी। लेकिन, अब एनएचएम ने जिम्स प्रशासन के तमाम अरमानों पर पानी फेर दिया है। जिम्स के सूत्रों ने बताया कि फाइल एनएचएम महानिदेशक कार्यालय पहुंची। एनएचएम से फाइल पर आपत्ति लगाई गई। तब जिम्स प्रशासन ने बताया कि इमरजेंसी के बराबर में वार्ड खाली हैं। वहां 15 से 25 बेड की व्यवस्था है। बस शासन से उपकरण और विशेषज्ञ स्टाफ उपलब्ध कराया जाना है। अब एनएचएम ने यह कहते हुए फाइल रोक ली है कि प्रदेश में अन्य जिलों से ट्रामा सेंटर की फाइल आई हैं। पहले उन्हें फंड की व्यवस्था की जानी है। अगर फंड बचता है तो इस वर्ष ट्रामा सेंटर पर गौर किया जाएगा, नहीं तो अगले साल तक इंतजार करें। वहीं, डायलिसिस यूनिट के पीछे शासन का तर्क है कि जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट पहले से स्थापित है। एक जिले में फिलहाल दो डायलिसिस यूनिट स्थापित नहीं की जा सकती है। वहीं, जिम्स प्रशासन ने दलील दी है कि ग्रेटर नोएडा, दादरी, बुलंदशहर, जेवर और कासना आदि क्षेत्रों के हजारों मरीजों का दबाव अस्पताल पर है। यहां डायलिसिस यूनिट मुहैया कराया जाना अत्यंत आवश्यक है। जिम्स की दलील पर अभी शासन ने गौर नहीं किया है। मालूम हो कि एनआरसी भी नोएडा में पहले से स्थापित है। शासन ने यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि सूबे के सभी जिलों में एनआरसी की व्यवस्था होने के बाद दूसरे सेंटर पर विचार किया जाएगा।
हजारों मरीजों को लगा झटका
ट्रामा सेंटर और डायलिसिस यूनिट की फाइल अटकने के बाद क्षेत्र और आस-पड़ोस के हजारों मरीजों को झटका लगा है। ट्रामा सेंटर स्थापित होने के बाद घायलों को बेहतर उपचार मिलना शुरू हो जाता। वहीं, डायलिसिस यूनिट किडनी रोगियों को लाभान्वित करती। फिलहाल मरीजों को राहत नहीं मिली है।
26 फरवरी को गवर्निंग बॉडी की बैठक है। इसमें इस मुद्दे को रखा जाएगा। जिम्स प्रबंधन की कोशिश जल्द से जल्द ट्रामा सेंटर और डायलिसिस यूनिट शुरू करने की है।
- बिग्रेडियर डॉ. राकेश गुप्ता, निदेशक, जिम्स