नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार और डीडीए को यमुना बाढ़ क्षेत्र के 22 किलोमीटर के इलाके के सीमांकन से जुड़े मानदंडों की जानकारी के साथ ताजा रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। बृहस्पतिवार को अदालत ने 10 दिनों के अंदर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 11 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने 12 अगस्त को दाखिल की गई रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया। इसमें कुछ इलाकों में 100 साल में एक बार बाढ़ आने का जिक्र किया गया है। उन्होंने कहा कि गंगा व सहायक नदियों के बाढ़ मैदान के सीमांकन से संबंधित मामलों में वर्ष 2016 में एनजीटी ने आदेश दिया था। इसमें 100 साल में एक बार के उच्चतम बाढ़ स्तर के साथ बाढ़ मैदान के सीमांकन का निर्देश दिया गया था। इसी आधार पर यमुना के 22 किलोमीटर के इलाके का सीमांकन किया जाए।