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ट्विन टावर के अंतिम ब्लास्ट की तैयार होगी नई रूपरेखा

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ट्विन टावर के अंतिम ब्लास्ट की तैयार होगी नई रूपरेखा
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नोएडा। सेक्टर-93ए स्थित एमराल्ड कोर्ट के ट्विन टावर के टेस्ट ब्लास्ट के बाद अब 22 मई को होने वाले अंतिम ब्लास्ट का रास्ता तैयार होगा। करीब 15 दिन अध्ययन के बाद अंतिम चरण के ब्लास्ट के लिए नई डिजाइन तैयार होगी। इसमें इमारत को गिराने के लिए हर पहलू को शामिल किया जाएगा।
एडिफिस इंजीनियरिंग की सहयोगी कंपनी जेट डेमोलिशन के एमडी जोय ब्रिंकमैन का कहना है कि इमारत को सुरक्षित गिराने के लिए नई डिजाइन तैयार करना बेहद जरूरी होगा। नई डिजाइन टेस्ट ब्लास्ट के परिणामों पर निर्भर करेगी। हमारी ओर से इमारत के छह कॉलम में विस्फोटक लगाकर टेस्ट ब्लास्ट कराया गया। इसके परिणामों पर अगले 15 दिन तक अध्ययन किया जाएगा। इससे पता चलेगा कि एक-एक कॉलम में कितने विस्फोटक का प्रयोग करना होगा। ब्लास्ट के दौरान ब्रिंकमैन के अलावा उनके सहयोगी केविन स्मिथ, एडिफिस के साइट इंचार्ज मयूर मेहता और एक सब इंस्पेक्टर अंदर थे। ब्लास्ट प्वाइंट से कुछ मीटर की दूरी पर इन्होंने रिमोट के माध्यम से ब्लास्ट किया।
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प्रदूषण से बचाव के होंगे उपाय
टेस्ट ब्लास्ट से यह भी पता चलेगा कि अंतिम ब्लास्ट में जिओ फैब्रिक शीट की कितनी परतों की आवश्यकता होगी। इसका आकलन एडिफिस इंजीनियरिंग की ओर से किया जाएगा। इससे प्रदूषण से बचाव में कामयाबी हासिल होगी। माना जा रहा है कि अंतिम ब्लास्ट में धूल की 10 मीटर ऊंची परत उड़ेगी। इससे काफी प्रदूषण होगा। इसके अलावा नोएडा प्राधिकरण ने एडिफिस इंजीनियरिंग से इन्वायरनमेंटल इंजीनियरिंग प्लान ले लिया है। अब इस मामले में एहतियातन कार्रवाई शुरू की गई है। अभी से ही पीएम 10 और पीएम 2.5 की जांच हो रही है। इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार हो रही है।
छह प्वाइंट पर कराया गया कंपन का विश्लेषण
टेस्ट ब्लास्ट के दौरान छह प्वाइंट पर कंपन का विश्लेषण कराया गया। इसमें गेल की पाइपलाइन, एटीएस और एमराल्ड कोर्ट के छह प्वाइंट शामिल रहे। इसके लिए आईआईटी चेन्नई की विशेषज्ञ टीम लगी रही। यह टीम अब चेन्नई जाकर अगले 15 दिनों में जिओ टेक्नोलॉजी के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके माध्यम से यह पता चलेगा कि अंतिम ब्लास्ट के दिन कितना कंपन होगा।
100 करोड़ से ज्यादा का होगा बीमा
एमराल्ड कोर्ट के तीन और एटीएस के चार टावरों का सर्वे किया जा रहा है। इनके सभी फ्लैटों का बीमा कराया जा रहा है, जो कि करीब 100 करोड़ से ज्यादा का होगा। इसका मकसद यह है कि अगर अंतिम ब्लास्ट के बाद इन फ्लैटों को क्षति पहुंचती है तो इसकी भरपाई की जा सके। इसके लिए बीमा प्रीमियम भरने का काम एडिफिस इंजीनियरिंग के जिम्मे होने की बात कही गई। बीमा के लिए नेशनल इंश्योरेंस, न्यू इंडिया इंश्योरेंस और टाटा एआईजी से संपर्क साधा गया है।
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250 मीटर का एरिया कराया जाएगा खाली
एडिफिस इंजीनियरिंग के पार्टनर उत्कर्ष मेहता का कहना है कि अंतिम ब्लास्ट के दिन ट्विन टावर के 250 मीटर की रेडियस की सोसाइटियों को खाली कराया जाएगा। इसमें एमराल्ड कोर्ट के 15 टावर समेत एटीएस विलेज के सभी टावर शामिल होंगे। लोगों को कुछ समय के लिए घर खाली करने को कहा जाएगर्ष मेहता का कहना है कि अगर लोग घरों में भी रहें तो कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन हम रिस्क नहीं लेना चाहते।
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