नोएडा। ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर के बीच नया नोएडा बसाने का रास्ता साफ हो गया है। बुलंदशहर जिले के 60 और गौतमबद्ध नगर के 20 गांवों को मिलाकर कुल 80 गांवों को विकसित करने का जिम्मा नोएडा प्राधिकरण को सौंपा गया है। शुक्रवार को शासन की तरफ से इसकी संशोधित अधिसूचना जारी कर दी गई। औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए यह कदम उठाया गया है।
नोएडा में जमीन की उपलब्धता न होने से औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की संभावनाएं खत्म हो रही थीं। ऐसे में ग्रेटर नोएडा से लेकर बुलंदशहर तक के 80 गांवों को मिलाकर नोएडा को विस्तार दिया जाएगा। यह सभी गांव दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के नजदीक हैं। शासन स्तर पर पिछले साल ही इसकी तैयारियां शुरू हो गई थीं। करीब 20 हजार हेक्टेयर भूमि पर नया नोएडा विकसित होगा, जिसके बाद नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण का आकार करीब दोगुना हो जाएगा।
हालांकि, औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार ने दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र बसाने की अधिसूचना 29 अगस्त 2017 को ही जारी कर दी थी, लेकिन उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के स्थान पर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) शब्द का प्रयोग कर संशोधित अधिसूचना शुक्रवार को जारी कर दी गई। बुलंदशहर तक बसने वाले इस क्षेत्र में न केवल औद्योगिक, बल्कि रिहायशी, हरित, वाणिज्यिक गतिविधियाें को भी स्थान दिया जाएगा।
विशेष निवेश क्षेत्र के तहत ये गांव हुए शामिल
बुलंदशहर जिला : अगराई, आशादेवी उर्फ पूरनगढ़, आसफपुर, बबाया, बड़ौदा, भराना, भटोला, भौंखेड़ा, बिरौंदी फौलादपुर, बिरौंदी तेजपुर, बिसवाना, बोढ़ा, बुटैना, चंद्रावली, चोला, दीनौल, धरौड़, धेमेरा नारा, धीमरी एदलपुर, दुल्हारा, फरीदपुर, गोपालपुर, हसनपुर जागीर, ह्दयपुर, जोखाबाद, जौली, काहिरा, कैथरा, कनवारा, कौराली, खैरपुर तिला, किशनपुर, कौनाडू, लौथर, लुहाकर, महीपा जागीर, मोहिद्दीन नगैला, मेहताबनगर, मल्हपुर, मसौता, मोरादाबाद, नगला बड़ौदा, नगला शेख, नैथला हसनपुर, नेकमपुर उर्फ बिशनपुर, निजामपुर, पचौंता, पीरबियाबनी, राजारामपुर, राजपुर खुर्द, रूपवास पंचगई, सब्दलपुर, सैंथाली, सराय घासी, सेनवली, शाहपुर कलां, सिखैरा, सुतारी, तालाबपुर उर्फ कनकपुर, उमराला।
गौतमबुद्ध नगर जिला: आनंदपुर, बील अकबरपुर (पार्ट), बेरंगपुर उर्फ नई बस्ती, चंद्रावल, चीरसी (पार्ट), चीती, छयांसा, दयानगर, देवटा (पार्ट), फजलपुर, खंडेरा गिरजापुर, कोट, मिल्क खंडेरा, नगला चमरू, नगला चीती, नगला नैनसुख, फूलपुर, रघुनाथपुर पार्ट, राजपुर कलां, शाहपुर खुर्द आदि।
नए सुविधाओं के साथ विकसित होगा नया नोएडा
1976 में नोएडा की स्थापना हुई थी। उस समय औद्योगिक शहर को बसाने की जो योजना बनाई गई थी, उसके अनुसार आज काफी बदलाव आ चुका है। पुराने औद्योगिक क्षेत्र कई समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। ऐसे में अब नए नोएडा को नई सुविधाओं के साथ विकसित करने की योजना बनेगी। अलग विकास मॉडल के तहत आईटी, एग्रो, एसईजेड, स्किल डेवलपमेंट, नॉलेज हब जैसे जोन बनाए जाएंगे।
नोएडा के विस्तार का रास्ता खुला है। 80 गांव नोएडा के अधीन आएंगे। इससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। इसकी विस्तृत कार्य योजना बनाई जाएगी।
-रितु माहेश्वरी, सीईओ-नोएडा प्राधिकरण