नोएडा। प्राधिकरण की तमाम परियोजनाओं की जांच कर रहे नियंत्रण एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग के मामले में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इस परियोजना के ऑडिट में भी कुछ आपत्तियां लगाई गई हैं। परियोजना में वित्तीय अनियमितताएं तो नहीं बरती गई हैं, इससे संबंधित सवाल अस्पताल प्रशासन से भी पूछे गए हैं।
करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर-39 में जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग बनाई गई है। हालांकि, कोरोना महामारी के कारण अब तक सेक्टर-30 से जिला अस्पताल को नई बिल्डिंग में शिफ्ट नहीं किया गया है। नई बिल्डिंग में अस्थायी कोविड अस्पताल संचालित हो रहा है। राजकीय निर्माण निगम ने नई बिल्डिंग का निर्माण किया है। इसमें दो टावर बनाए गए हैं। एक में जिला अस्पताल से संबंधित काम होने हैं, जबकि दूसरे में 72 फ्लैट बनाए गए हैं। इनमें से 68 फ्लैट तीन बीएचके व चार बीएचके हैं। हालांकि, नई बिल्डिंग को प्राधिकरण ने जिला अस्पताल प्रशासन के सुपुर्द कर दिया है। सीएजी ने इस परियोजना से संबंधित जानकारियां प्राधिकरण से मांगी हैं। साथ ही, अस्पताल प्रशासन से भी कुछ बिंदुओं पर सवाल पूछे गए हैं।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि अस्पताल का निर्माण प्राधिकरण ने कराया है। हमें इसे हैंडओवर किया गया है। अस्पताल प्रशासन को नई बिल्डिंग कब मिली, वित्तीय व्यवस्थाओं सहित कुछ सामान्य सवाल पूछे गए थे, जिनका जवाब दिया जा चुका है।