चंदौसी(संभल)। साईं लोक कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को कथा वाचक शिवशंकर भारद्वाज ने बताया कि ईश्वर भक्तों की रक्षा हमेशा करते हैं। बस मन में सच्ची श्रद्धा और कर्म में सच्चाई होनी चाहिए। इस अवसर पर गोवर्धन लीला का प्रसंग सुनाया गया। साथ ही, भगवान की सुंदर-सुंदर झांकियां प्रस्तुत की गईं। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु अमृत कथा का रसपान करने के उपस्थित हुए।
कथा वाचक शिवशंकर भारद्वाज ने बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों से कहा कि वे इंद्र की बजाय गोवर्धन पर्वत की पूजा करें, तो देवराज इंद्र क्रोधित होकर गोकुल पर मूसलाधार वर्षा करने लगे। उस समय श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों और उनके पशुधन की रक्षा की। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की यह गोवर्धन लीला हमें सिखाती है कि प्रकृति ही परमात्मा का स्वरूप है और उसकी पूजा करना ही सच्ची भक्ति है। बताया कि गोवर्धन लीला में एकता, सहयोग, और पर्यावरण संरक्षण का संदेश निहित है। जब सभी ब्रजवासी एक साथ होकर विपत्ति का सामना करते हैं, तो यह समाज को यह सीख देता है कि संकट के समय सामूहिकता ही सबसे बड़ी शक्ति होती है।
कार्यक्रम में रामफल शर्मा, विनय कुमार शर्मा, सुबोध शर्मा, केजी शर्मा, प्रमोद सराफ, रमेश अधीर, सत्यप्रकाश, कृष्णा सिंह, शालिनी, सीमा वाष्र्णेय, सीमा शर्मा, आशा शर्मा आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।