आयकर विभाग को मिले 100 करोड़ की हेराफेरी के सबूत
- लखनऊ में पकड़े गए गिरोह के सरगना के मोबाइल ने खोले हवाला कारोबार से जुड़े राज
- नकद मिलने वाली रकम को आरटीजीएस के जरिये डेढ़ गुना करने की चल रही है स्कीम
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। हवाला कारोबार से जुड़े गिरोह के आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की परतें खुलने लगी हैं। शुक्रवार को लखनऊ में आयकर विभाग के हत्थे चढ़े गिरोह के सरगना आदर्श श्रीवास्तव से पूछताछ जारी है। पहले उसके गिरफ्तारी की बात कही जा रही थी हालांकि उसे अभी तक अरेस्ट नहीं किया गया है। उसके मोबाइल से हवाला कारोबार से जुड़े बड़े राज खुले हैं। मोबाइल से मिले डेटा के आधार पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी के सबूत अब तक जुटाए जा चुके हैं। नकद मिलने वाली रकम को आरटीजीएस के जरिये डेढ़ गुना करने की स्कीम चलाकर देशभर में इस हेराफेरी को अंजाम दिया जा रहा है।
बृहस्पतिवार रात डील के लिए नोएडा पहुंचे आठ लोगों को एसओजी ने पकड़ा था जो इस गिरोह के एजेंट बताए जाते हैं। आयकर विभाग ने इनके पास से बरामद 1.68 करोड़ रुपये सीज कर जांच पड़ताल शुरू की तो देशभर में इस गिरोह के नेटवर्क का खुलासा होने लगा। सेक्टर-58 कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार आठों एजेंटों को सात दिन की रिमांड पर लेने के लिए नोएडा पुलिस की ओर से शनिवार को सीजेएम कोर्ट में अर्जी लगाई गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रिमांड मिलते ही आरोपियों को सूरत, अहमदाबाद, दिल्ली और कोलकाता सहित उन सभी ठिकानों पर ले जाकर पूछताछ की जाएगी जहां से हवाला का कनेक्शन निकल कर सामने आया है।
आयकर विभाग की टीम के सामने ही सौदे के लिए पहुंचा, 90 लाख जब्त
आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद शुक्रवार शाम आयकर विभाग की टीम दिल्ली के करोलबाग स्थित एक दफ्तर में जांच के लिए पहुंची थी। यहां अपनी बेहिसाब नकदी को डेढ़ गुना आरटीजीएस में बदलने के प्रयास में पहुंचे राकेश नाम के शख्स से 96 लाख रुपये बरामद किए गए, जिसमें से 90 लाख का वह हिसाब नहीं दे पाया। इस रकम को विभाग ने जब्त लिया है।
2 करोड़ नकद दो...3 करोड़ आरटीजीएस ले जाओ
ऐसे ही कई अन्य लोगों की पहचान की गई जो अपनी नकद राशि को आरटीजीएस की अपेक्षाकृत बड़ी राशि में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उदाहरण के तौर पर दो करोड़ नकद लेकर तीन करोड़ यानि डेढ़ गुना ज्यादा रकम आरटीजीएस के जरिये खाते में ट्रांसफर करने की स्कीम चल रही है। इस पूरे मामले में देशभर के कई ट्रस्ट, कॉरपोरेट कंपनियां शामिल हैं टैक्स से बचने के लिए काली कमाई को सफेद बनाने में जुटी हैं। इस नेटवर्क में सैकड़ों एजेंटों के शामिल होने के संकेत मिले हैं, जिनमें देश में शीर्ष स्तर, मध्यम स्तर और छोटे स्तर के एजेंट शामिल हैं। नकदी को आरटीजीएस में बदलने के नाम पर कमिशन का खेल अभी भी जारी है।
आरोपी रोहित जैन का पता निकला फर्जी
पकड़े गए आठ एजेंटों में से एक रोहित जैन का पता फर्जी निकला है। उसके आधार कार्ड में नोएडा के सेक्टर-56 का पता दर्ज पाया गया, जबकि पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह शुरू से ही गुरुग्राम में रह रहा है। आशंका जताई जा रही है कि समन सही पते न पहुंचे इसलिए आरोपियों ने गलत पते का इस्तेमाल किया है। पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार सभी आठों आरोपियों के तार काफी लंबे समय से आपस में जुड़े हुए हैं। पकड़े जाने पर पुलिस व संबंधित अन्य एजेंसी को गुमराह करने की तैयारी आरोपियों ने पहले से कर रखी थी। इस मामले में राजा मौर्य नाम के एक स्थानीय आरोपी अभी फरार है।
थाने में मौजूद रही आयकर की टीम
पुलिस की सूचना पर बृहस्पतिवार देर रात को थाने में पहुंची आयकर विभाग की टीम शनिवार को भी दिल्ली से पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ करती रही। इनमें से एक आरोपी को लेकर आयकर विभाग की टीम उनके बताए ठिकानों पर छानबीन के लिए पहुंची।