my crop- my details are also fake on the portal
नूंह (अंतराम खटाना)। जिले में ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ के पंजीकरण के नाम पर फर्जीवाड़े की शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पात्र किसानों की जमीनों के नाम पर दूसरे लोग पंजीकरण करवा रहे हैं। अब तक जिले में आधा दर्जन किसान कृषि विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। अधिकारियों ने नगीना थाने में शिकायत देकर दो लोगों के खिलाफ शनिवार को मुकदमा भी दर्ज कराया है। इसके बाद पुन्हाना के सिंगार, तावडू के ऊंटोन गांव से भी किसानों ने शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की फसलों को उचित दाम पर खरीदने के लिए ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ वेबसाइट किसान पंजीकरण कर रहे हैं, जिससे अपनी फसल को उचित रेट पर बेच सकें। लेकिन, किसानों की बिना जानकारी के उनकी जमीन के नाम पर कई लोग अपना पंजीकरण करवा रहे हैं। कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. अजय तोमर को दी शिकायत में अकबर अली निवासी गांव सिंगार ने बताया कि उन्होंने ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पर पंजीकरण के लिए सीएससी में संपर्क किया, लेकिन उनकी जमीन के दस्तावेज पर पहले ही महमूदा निवासी हाजीपुर और शाकिर निवासी गुलालता ने अपना पंजीकरण करवा लिया। जब इस बारे में उनसे संपर्क किया तो उन्होंने पुन्हाना के आढ़ती कन्हैयालाल को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा अन्य मामलों में सुखबीर जून निवासी पथरेड़ी ने बताया कि उनकी जमीन तावडू खंड के गांव ऊंटोन में है। वह भी अपना पंजीकरण करवाने के लिए जब सीएससी पर गए तो पहले ही उनकी जमीन का किसी और ने पंजीकरण करवा लिया था। सलीम उलेटा और नूंह खंड के गांव दिहाना से भी किसानों ने उनकी जमीन पर पंजीकरण कराने की शिकायत की है। ऐसे में जिले में आए दिन किसानों की इन शिकायतों से फर्जीवाड़ा होने की आशंका है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 13016 किसानों ने ही ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पर पंजीकरण कराया है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 75 हजार किसान हैं। वैसे बीते वर्ष इस पोर्टल पर मात्र 11250 किसानों ने ही पंजीकरण करवा था।
सीएससी संचालकों की भी मिलीभगत
किसान ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पर पंजीकरण के लिए सीएससी में जा रहे हैं। ऐसे में सीएससी केंद्र संचालकों की भी मिलीभगत हो सकती है।
मुकदमा दर्ज कर करेंगे कार्रवाई
एसडीओ डॉ. अजय तोमर ने बताया कि जिले में किसानों के नाम पर कुछ आढ़तियों द्वारा पंजीकरण करवाया जा रहा है। बाद में वह फसल एकत्र कर किसानों के नाम पर बेच देते हैं। ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर दूसरे किसानों की जमीन पर अपना पंजीकरण करवाने वालों के खिलाफ दिनेश निवासी पुन्हाना और रतन निवासी होडल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। शिकायतें मिलने पर आगे भी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।