माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों में जेल में बंद रिंकू की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपी की संलिप्तता को देखते हुए यह फैसला सुनाया। मामला थाना बादलपुर से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी के भाई अमित कुमार ने आरोपियों से माचिस मांगी थी, जिस पर विवाद बढ़ गया और रिंकू और उसके दो दोस्तों ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए मृतक का मोबाइल फोन, पहचान पत्र और पैसे अपने पास रख लिए थे। मामले में सह-आरोपी सागर की जमानत अर्जी पहले ही खारिज की जा चुकी है। आरोपी के अधिवक्ता ने बताया कि एफआईआर में आरोपी का नाम नहीं था। बचाव पक्ष ने दावा किया कि पुलिस आरोपी को उसके घर से पूछताछ के बहाने थाने लाई और फंसाकर जेल भेज दिया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत देने से मना कर दिया।