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Noida News: ब्रिटेन, जापान और अमेरिका तक होगी एमएसएमई की पहुंच

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निर्यात प्रोत्साहन नीति के तहत एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और पहली बार निर्यात करने वाली इकाइयों मिलेगी मदद
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एमएसएमई को पहली बार ब्रिटेन, जापान और अमेरिका जैसे बड़े वैश्विक बाजारों तक उत्पाद निर्यात करने का मौका मिलेगा। निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 के तहत एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और पहली बार निर्यात करने वाली इकाइयों को विदेशों में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और खरीदारों से सीधे जुड़ने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। ये बातें यूपी के आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को नोएडा दौरे के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि नोएडा-ग्रेनो में बड़े औद्योगिक निवेश का वास्तविक लाभ स्थानीय छोटे उद्यमियों को भी मिलना चाहिए। इसके लिए एमएसएमई को बड़ी कंपनियों की सप्लाई चेन से जोड़ने, वेंडर डेवलपमेंट, गुणवत्ता प्रमाणन, कौशल उन्नयन और पूंजी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। स्थानीय इकाइयों को कंपोनेंट, टूल्स, पैकेजिंग, मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़े उद्योगों के आपूर्तिकर्ता के रूप में विकसित किया जाएगा।
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नमूने भेजने पर 2 लाख तक की मदद
विदेशी खरीदारों को उत्पाद के नमूने भेजने पर 75 प्रतिशत तक या अधिकतम दो लाख रुपये सालाना की सहायता मिलती है। अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कारोबार शुरू करने के लिए पहले वर्ष की फीस पर 75 प्रतिशत तक या अधिकतम तीन लाख रुपये की मदद मिल सकती है। ग्रेनो में 25-29 सितंबर तक होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में लगातार ऐसे एमएसएमई अपना पंजीकरण करा रहे हैं जो पहली बार प्रोत्साहन नीति से भी जुड़ेंगे और अपने उत्पाद विदेशों में भी भेजेंगे।
हवाई किराये पर 1.25 लाख रुपये तक प्रतिपूर्ति
निर्यात प्रोत्साहन नीति के तहत विदेशों में होने वाले ट्रेड फेयर और प्रदर्शनियों में भाग लेने वाले निर्यातकों को स्टॉल शुल्क का 75 प्रतिशत या अधिकतम 3.25 लाख और एक व्यक्ति के हवाई किराये का 75 प्रतिशत या अधिकतम 1.25 लाख रुपये तक प्रतिपूर्ति मिल सकती है। एक साल में अधिकतम तीन विदेशी मेलों के लिए सहायता का प्रावधान है। मार्केटिंग डेवलपमेंट असिस्टेंस के तहत एक निर्यातक को सालाना अधिकतम 25 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
प्रमाणन और माल ढुलाई में भी राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए जरूरी निर्यात प्रमाणपत्र हासिल करने में भी सरकार मदद करेगी। प्रमाणन खर्च का 75 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। हवाई माल ढुलाई पर 30 प्रतिशत या अधिकतम 150 रुपये प्रति किलो और बंदरगाह तक माल भेजने के लिए कंटेनर के आकार के अनुसार 20 हजार से 40 हजार रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
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वर्जन

निर्यात प्रोत्साहन नीति के तहत छोटे उद्यमियों को पहली बार अपना उत्पाद बेचने से लेकर भेजने तक में सरकार मदद करेगी। उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं के तहत भी लाभ दिलाया जाएगा। -पंकज निर्वाण, जिला उद्योग उपायुक्त, गौतमबुद्ध नगर
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