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Noida News: रूस के साथ होगा एमओयू, विदेश में पंख फैलाएंगे यूपी के स्टार्टअप

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- ट्रेड शो में एकेटीयू के विशेष सत्र में आए विशेषज्ञों ने दी जानकारी
300 इनोवेशन सेंटर बनेंगे प्रदेश में


अंकुर त्रिपाठी
ग्रेटर नोएडा। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन तक ले जाने में स्टार्टअप मील का पत्थर साबित होंगे। शुक्रवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयोजित स्टार्टअप ईकोसिस्टम पर एकेटीयू का विशेष सत्र में विशेषज्ञों ने कहा कि रुस के अधिकारियों से बातचीत हो गई है। उनके साथ एमओयू होने के बाद यूपी के स्टार्टअप को विदेश में पंख फैलाने के मौके मिलेंगे। विशेषज्ञों ने बताया कि आने वाले समय में प्रदेश में 300 इनोवेशन सेंटर खुलने जा रहे हैं।
आईआईटी कानपुर के दीपू फिलिप ने कहा कि स्टार्टअप करने वाले उद्यमी को छह लाख रुपये की ग्रांट दी जाती है। इससे वह अपने प्रोटोटाइप को पेश कर सकता है। उनका यदि आइडिया बाजार के अनुरूप हुआ तो उसे आगे बढ़ाया जाता है। आईआईटी कानपुर में 99 प्रतिशत प्रोडेक्ट बेस स्टार्टअप हैं। आईआईटी बीएचयू के डॉ. मनोज कुमार मेश्राम ने कहा कि उद्यमी को कॉपी पेस्ट से बचना चाहिए। अधिकतर देखने में आता है कि कॉपी पेस्ट करके वह आइडिया ले आते हैं और पहले चरण में फेल हो जाते हैं। भारत कृषि प्रधान देश हैं। हमें किसानों की आय को बढ़ाना होगा। उसके लिए स्टार्टअप के लिए आय का स्रोत बनाना होगा। आईआईएम लखनऊ के यमिनी भूषण पांडेय ने बताया कि आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर स्टार्टअप तैयार करने होंगे। जिससे उन्हें बाजार में उतारा जा सके। बाजार के अनुरूप स्टार्टअप नहीं होने से कोई फायदा नहीं मिलने वाला है।
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सोशल मीडिया पर स्टेट्स सिंबल हटाने से बचे
विशेषज्ञों ने कहा कि बाजार की मांग के अनुसार स्टार्टअप पर काम करना होगा, जिससे व्यापार को उड़ान मिल सके। स्टार्टअप के लिए कंटेंट बेहद अच्छा होने की जरूरत हैं। फैशन के तौर पर आंत्रप्रिन्योर्स स्टार्टअप को सोशल मीडिया पर स्टेटस का सिंबल बना रहे हैं। इससे बचना होगा। उनका कहना है कि आइडिया के साथ व्यापार करने की सोच को आगे बढ़ाते हुए स्टार्टअप को शुरू करना होगा।
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एक लाख रुपये की मिल रही मदद
एकेटीयू के इनोवेशन हब यूपी के हेड महीप सिंह ने कहा कि चार साल पहले तक केवल 1200 स्टार्टअप हुआ करते थे, जो अब 1600 को पार कर गए हैं। स्टार्टअप आइडिया देने पर भी एक लाख रुपये की मदद की जा रही है। इसके लिए युवाओं को इनोवेशन हब के पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। अब तक एकेटीयू के तहत 30 इनोवेशन सेंटर खुले हैं। वहीं 75 और तैयार हो चुके हैं। अगले साल तक 300 इनोवेशन सेंटर हो जाने की उम्मीद है। वहीं एकेटीयू की वंदना ने बताया कि दो क्रेडिट कोर्स भी शुरु किए गए हैं। जिम्स के इनोवेशन सेंटर के सीईओ डॉ राहुल ने कहा कि स्टार्टअप क्लीनिक के माध्यम से इंटरप्रेन्योर को आगे बढ़ा रहे हैं।
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