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Noida News: मां ने नौ दिन की बेटी की गला रेतकर हत्या की

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मुंडका की घटना, गिरफ्तारी के बाद महिला ने कहा- बेटी नहीं चाहती थी, इसलिए मार डाला
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पति ने दी पुलिस को घटना की जानकारी, घटना के समय फैक्टरी गए थे परिजन
अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
मुंडका इलाके में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बाबा हरिदास कॉलोनी में एक मां ने 25 जुलाई की दोपहर नौ दिन की बेटी की गला रेतकर हत्या कर दी। घर पहुंचे पति ने जब बच्ची को देखा तो थाने पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर चाकू बरामद कर लिया। पुलिस की पूछताछ में महिला ने खुलासा किया कि वह बेटी नहीं चाहती थी, इसलिए उसकी हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार, गोविंदा ने मुंडका थाने में पहुंचकर बताया कि घर में पत्नी ने नौ दिन की बच्ची की हत्या कर दी है। इसके बाद निरीक्षक देवेंद्र के नेतृत्व में पुलिस घर पहुंची तो दूसरी मंजिल के कमरे में बच्ची लहूलुहान पड़ी थी, उसके गर्दन को चाकू से रेत दिया गया था। पास ही चाकू भी पड़ा था। आरोपी मां को पुलिस दूसरे कमरे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके पर क्राइम और फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य हासिल किए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पुलिस ने हत्या कर मामला दर्ज कर लिया।
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खुलासे से परिवार और पड़ोसी सन्न
बेटी पैदा होने से ही महिला परेशान थी, लेकिन परिवार के लोग इससे बेखबर थे। परिवार और पड़ोस के लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा है कि महिला इस तरह का कदम उठा सकती है। परिवार वालों का कहना है कि महिला को पूरी तरह से बेटा पैदा होने की उम्मीद थी, लेकिन बेटी हो गई।
पति के आने से डेढ़ घंटे पहले ही कर दी थी हत्या

पूछताछ में पता चला है कि महिला ने बच्ची की हत्या सुबह 11:30 बजे कर दी थी। वह डेढ़ साल के बेटे मनीष के सामने हत्या नहीं करना चाहती थी, इसलिए दूसरे कमरे में ले जाकर सब्जी काटने वाले चाकू से बच्ची को मार दिया। सूत्रों का कहना है कि महिला को हत्या करने का अफसोस नहीं है। पूछताछ में पता चला कि महिला काम के बोझ और दो बच्चे पालने को लेकर तनाव में थी। पुलिस महिला की मेडिकल जांच करवाएगी।
पति, सास और देवर फैक्टरी में करते हैं काम
महिला के पति गोविंदा ने बताया कि वह बिहार के रहने वाले हैं। साल 2019 में मां मालती और भाई अश्वनी के साथ दिल्ली आया था। तीनों बहादुरगढ़ स्थित जूते की फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। ढ़ाई साल पहले शादी हुई थी। सुबह तीनों मां बेटे फैक्टरी चले गए। एक बजे वापस घर आने पर बच्ची को लहूलुहान देखा। पूछताछ करने पर पत्नी ने बेटी की हत्या करने की बात कही।
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महिला को मनोरोग की आशंका

बच्ची की हत्या करने के मामले को डॉक्टरों ने मनोरोग माना है। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मनोरोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. लोकेश शेखावत का कहना है कि महिला को पोस्ट पाटम साइकोसिस होने की आशंका है। इस रोग में महिला बच्चे को अपना नहीं मानती। एक हजार में पांच लोगों में यह रोग होने की आशंका रहती है। इन मामलों में देखा गया है कि चार फीसदी महिलाएं बच्चे को मार देती हैं। वहीं, पांच फीसदी महिलाएं खुद को भी मार सकती हैं। इस रोग में महिला के मूड में बदलाव होता है। वह अजीब से बात करती है। बच्चे को अपना नहीं मानती। कई बार उसे लगता है कि बच्चे को बदल दिया गया है। फिलहाल, आरोपी महिला को मनोरोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। पीड़ित महिला के मूड में उतार-चढ़ाव, बहकी-बहकी बात करना व बेवजह शक करने जैसे लक्षण दिख सकते हैं। ऐसे में तुरंत विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए।
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