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Noida News: नामी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला दिलाने के नाम पर हजार से अधिक छात्रों से ठगी

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- दो वर्ष से फर्जी वेबसाइट के माध्यम से एडमिशन व स्कॉलरशिप दिलाने का देते थे झांसा, सरगना समेत दो गिरफ्तार
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- नोएडा से पहले चेन्नई और जयपुर में भी कर चुके हैं जालसाजी

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। देश के नामी इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर 1000 से ज्यादा छात्रों से ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। कोतवाली एक्सप्रेसवे पुलिस ने बुधवार को सरगना मूलरूप से बक्सर बिहार निवासी मोहम्म्द रिजवान और नॉलेज पार्क निवासी चिरंजीव राय को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रों को कॉल कर दाखिले के साथ शत प्रतिशत स्कॉलरशिप देने का झांसा देते थे। पुलिस गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
डीसीपी रामबदन सिंह के मुताबिक कोतवाली एक्सप्रेसवे पुलिस की टीम ने एबीसी बिल्डिंग में चल रहे ठगी के दफ्तर का खुलासा किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाई हुई थी। वेबसाइट पर दाखिला दिलाकर पूरी स्कॉलरशिप दिलाने का विज्ञापन दिया जाता था। अक्सर छात्र स्कॉलरशिप के झांसे में आ जाते थे। छात्रों से रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में 15 हजार और काउंसलिंग के नाम पर 10 हजार रुपये लिए जाते थे। धीरे-धीरे कर उनसे अन्य मदों में लाखों रुपये वसूलकर छात्रों से संपर्क तोड़ दिया जाता था। डीसीपी ने बताया कि इन आरोपियों के पास से 1000 से अधिक छात्रों की ठगी की जानकारी मिली है।
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70 फीसदी से अधिक अंक वाले छात्रों के लिए ऑफर

पुलिस पूछताछ में जालसाजों ने बताया कि स्कॉलरशिप का सबसे आकर्षक ऑफर के तहत 90 फीसदी से अधिक अंक वाले छात्रों को 4 साल तक इंजीनियरिंग कॉलेज का फीस दिए जाने की बात कही जाती थी। इस कारण सबसे अधिक छात्र इनके झांसे में आ जाते थे। वही 80 फीसदी से अधिक अंक वाले छात्रों को एक साल तक का फीस देने का झांसा दिया जाता था। जबकि 70 से 80 फीसदी अंक वाले छात्रों को लैपटॉप देने का झांसा दिया जाता था।


सरगना है इंजीनियर, 2012 से कर रह है ठगी

एडीसीपी मनीष मिश्रा के मुताबिक गिरोह का सरगना मोहम्मद रिजवान बीटेक पास है। वह कई कंपनियों में नौकरी कर चुका है। पिछले कई वर्षों से छात्रों के साथ इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा है। गिरोह वर्ष 2012 से सक्रिय है। आरोपियों ने सबसे पहले चेन्नई में ठगी का दफ्तर खोला था और वहां सैकड़ों छात्रों के साथ ठगी की थी। इसके बाद इस गिरोह जयपुर शिफ्ट हो गया। जयपुर में कुछ वर्ष त ठगी करने के बाद आरोपी दो साल से नोएडा में दफ्तर बदलकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। पुलिस को आरोपियों से मिले डिजिटल डेटाबेस की जांच में जुटी है।


महाराष्ट्र के छात्र से एनआईटी में दाखिले के नाम पर 17 लाख ठगे

सरगना रिजवान आलम ने पुलिस पूछताछ में इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर छात्र से 17 लाख रुपये की ठगी की थी। वेबसाइट पर इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले का विज्ञापन देखकर पीड़ित छात्र ने संपर्क किया था। आरोपियों के झांसे में आने के बाद उससे 17 लाख से अधिक की ठगी की थी। इस छात्र को एनआईटी में दाखिला दिलाने का विश्वास दिलाया गया था। जालसाज अधिकतर छात्रों से 50 हजार से 2 लाख तक की ठगी करते थे।
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आरोपियों से बरामदगी

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पांच लैपटॉप, पांच एंड्रॉयड फोन, नौ की पैड मोबाइल, 32 सिम कार्ड, चेक बुक, दो मोहर, छात्रों के कई मोबाइल नंबर, तीन यूनिवर्सिटी के प्रोस्पेक्टस, अपॉइंटमेंट लेटर आदि बरामद किए गए हैं।
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