आतिशी ने की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने शनिवार को दावा किया है कि दिल्ली शराब नीति घोटाले के 60 करोड़ का मनी ट्रेल भाजपा के खाते में मिला है।मंत्री व आप नेता आतिशी ने कहा कि इस मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की गिरफ्तारी होनी चाहिए। चुनावी बांड की जानकारी सार्वजनिक होते ही भाजपा और शराब कारोबारी शरत रेड्डी के बीच मनी ट्रेल का लिंक सामने आ गया है। गिरफ्तारी से पहले शरत रेड्डी ने भाजपा को 4.5 करोड़ दिए थे और गिरफ्तारी के बाद 55 करोड़ रुपए दिए। आतिशी ने दावा किया कि ईडी की तरफ से मुख्य साजिशकर्ता बनाया गया शरत रेड्डी का पूर्व में बयान था कि वह अरविंद केजरीवाल को नहीं जानते, लेकिन बाद में पलट गए। अब रेड्डी के बयान के आधार पर सीएम केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई है। इस मामले में दो साल से सीबीआई-ईडी की जांच चल रही है, लेकिन जांच में पैसा कहां गया, क्या घोटाला हुआ इस बारे में जांच एजेंसियां कोर्ट को कुछ बता नहीं पाईं।
जानकारी रोकने की कोशिश : सौरभ भारद्वाज
मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सभी जानते हैं कि भाजपा, केंद्र सरकार, एसबीआई, चुनाव आयोग पूरी कोशिश कर रहे थे कि बांड किस कंपनी ने किस पार्टी को दिया, इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट न करें और यह जानकारी बाहर न आए। यह नीति नवंबर 2021 में आई। इस पॉलिसी के अंदर ईडी का आरोप है कि शरत और उनसे संबंधित कंपनियों को दिल्ली में लिकर वेंडर्स के 5 जोन मिले। जुलाई 2022 में ही दिल्ली सरकार ने शराब पॉलिसी को वापस ले लिया। इसी दौरान सीबीआई का मुकदमा दर्ज हो गया कि यह कंपनियां रडार पर हैं। इन पर जांच चल रही है। जनवरी 2023 में जब शरत की बेल की सुनवाई हुई, तब उन्होंने ईडी पर आरोप लगाया कि ईडी के लोग बल का इस्तेमाल कर झूठा बयान लेना चाहते हैं और उनके कर्मचारियों को भी डराया-धमकाया जा रहा है।
शरत सबसे बड़े किंगपिन : जस्मीन शाह
आप नेता जस्मीन शाह ने कहा कि भाजपा ने सबसे पहले शरत को ईडी के माध्यम से पकड़ा। ईडी की चार्जशीट खुद कहती है कि कथित शराब घोटाले के शरद रेड्डी सबसे बड़े किंगपिन हैं, लेकिन कुछ ही महीने में किंगपिन शरत सरकारी गवाह बन गए और चंद माह बाद में करीब 60 करोड़ रुपये की वसूली हुई।