कैबिनेट ने लिया फैसला, सीवर-सड़क सहित अन्य समस्याओं का समाधान करने में होगी सहूलियत
मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा- दिल्ली में विधायक निधि दूसरे राज्यों से कई गुना ज्यादा
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15 करोड़ रुपये सालाना विधायक निधि में मिलेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में विधायक निधि में पांच करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब हर विधायक को हर साल 15 करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे विधानसभा क्षेत्र में सीवर व सड़क समेत दूसरी छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान करने में सहूलियत होगी। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री आतिशी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया।
मुख्यमंत्री आतिशी ने बताया कि विधायक निधि 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15 करोड़ कर दी गई है। इससे बीते 10 सालों से दिल्ली वालों की बेहतरी के लिए होने वाले काम आगे भी जारी रहेंगे। विधायक फंड लोकतंत्र में बेहद महत्वपूर्ण होता है। इससे आम लोग अपने क्षेत्र में छोटे-बड़े विकास कार्य विधायक से करवा सकते हैं। अपना काम करवाने के लिए विधायक निधि एक तरीके से जनता की आवाज है। आतिशी ने दावा किया कि देश में किसी भी राज्य में इतनी विधायक निधि किसी भी सरकार ने नहीं दी है। आंकड़े जारी करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात में यह 1.5 करोड़ रुपये व आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में सालाना 2 करोड़ रुपये है। वहीं, ओड़िशा, तमिलनाडु और मध्य-प्रदेश में यह 3 करोड़ रुपये है। इसके अलावा महाराष्ट्र, केरल, झारखंड, उत्तराखंड, राजस्थान, तेलंगाना में विधायक निधि 5 करोड़ रुपये है।
विधायक करवा सकेंगे स्थानीय स्तर पर बड़े काम
शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस साल बारिश ज्यादा हुई है। इससे सड़कों में टूट-फूट है। पार्कों की दीवारे, वॉक-वे भी खराब हो गए हैं। कई जगहों पर सीवर से जुड़ी समस्याएं भी हैं। आम आदमी पार्टी के साथ भाजपा विधायक भी मुलाकात के दौरान इससे फौरी राहत दिलाने के लिए विधायक निधि बढ़ाने की बात करते थे। इस दिशा में कदम उठाते हुए दिल्ली कैबिनेट से विधायक निधि बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब किसी विधायक को स्थानीय स्तर पर कोई समस्या दिखेगी तो वह तुरंत समाधान दिला सकेंगे। इस फंड का मकसद भी यही है। इसमें विभागों से मिलने वाली मंजूरी में किसी वजह से देरी होती है तो विधायक अपने फंड से समस्या को दूर कर सकेंगे।