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मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट खराब होने से बढ़ी मरीजों की परेशानी

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मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट खराब होने पर खड़े लोग। - फोटो : Mewat
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नूंह। नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में कई लिफ्ट खराब होने के कारण मरीजों को ओपीडी और अन्य वार्डों में जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भले ही प्रदेश सरकार जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास का दावा करती है, लेकिन नूंह जिले के एकमात्र मेडिकल कॉलेज में कई प्रकार की असुविधाओं से लोग जूझ रहे हैं। स्थानीय लोग सरकार और प्रशासन को समय-समय पर इन समस्याओं से अवगत भी कराते हैं, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।
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गौरतलब है कि वर्ष 2012-13 में साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये की लागत से जिले में मेडिकल कॉलेज बनाया गया था। उस समय लोगों को जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी थी। लेकिन, यहां पर कई प्रकार की सुविधाओं का अभाव है। इसके अलावा एक साल से अधिक समय से यहां पर अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और अन्य जांचें नहीं हो रही हैं। वहीं, मरीजों को ओपीडी और अन्य वार्डों में जाने के लिए लिफ्ट की सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालांकि, कुछ लिफ्ट जरूर चल रही हैं, लेकिन लोगों के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इस कारण मरीजों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के सदस्यों में भारी रोष है। इलाज कराने आए रमजान, तौफीक, राजेंद्र सौंख, देवेंद्र और इमरान नेे बताया कि मेडिकल कॉलेज की कई लिफ्ट अधिकतर समय खराब ही रहती हैं। इस कारण मरीजों को सीढ़ियां चढ़ने में काफी दिक्कतें होती हैं। (संवाद)
42 में से आधी लिफ्ट खराब
लोगों का कहना है कि यहां पर लिफ्ट का बुरा हाल है। मेडिकल कॉलेज में कुल 42 लिफ्ट हैं। इनमें से वार्ड और ओपीडी में 14, मेडिकल कॉलेज बिल्डिंग में 4, लाइब्रेरी में एक, डॉक्टरों व स्टाफ क्वार्टर में 16 और अन्य लिफ्ट विद्यार्थियों के हॉस्टल में हैं। 42 में से आधी से ज्यादा लिफ्ट बंद हैं। मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग में लगी लिफ्ट तो काफी समय से बंद है। विद्यार्थियों के हॉस्टल की लिफ्ट भी खराब है। इस कारण 5 मंजिला हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थियों को काफी परेशानी हो रही है। इसके अलावा कई लिफ्ट की लाइटें खराब हैं।
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रखरखाव में करोड़ों रुपये होते हैं खर्च
इन लिफ्टों के रखरखाव के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। लिफ्टों के बंद होने के बावजूद कंपनी को पूरा भुगतान किया जाता है। लेकिन, सुविधा नाम मात्र की नहीं। वहीं, कॉलेज निदेशक डॉ. संगीता ने बताया कि इस बारे में अभी पता चला है। जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
वर्षों पूर्व कांग्रेस ने जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया था। लेकिन, अब कॉलेज में लोग असुविधाओं से जूझ रहे हैं। इस ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है।
आफताब अहमद, विधायक नूंह
गठबंधन सरकार प्रदेश के साथ जिले में विकास कार्यों को तेजी से कर रही है। इस समस्या के बारे में अधिकारियों से बात कर जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
तैय्यब हुसैन घासेडिया, जजपा जिला अध्यक्ष।
जिले के एकमात्र मेडिकल कॉलेज में सरकार को सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। यह लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा है। यहां पर हर दिन सैकड़ों लोग आते हैं। फिर भी जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे हैं।
गजराज लोहिया समाजसेवी
कांग्रेस सरकार ने जिले के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं पर सबसे अधिक बल दिया था। लेकिन, भाजपा सरकार ने जिले के हर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को चौपट कर दिया है। यह गंभीर मामला है। जल्द कॉलेज का निरीक्षण किया जाएगा।
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मामन खान, कांग्रेस विधायक फिरोजपुर झिरका
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