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मन की बात: इंजीनियर की नौकरी छोड़ ठानी तालाबों को संवारने की जिद, पीएम ने की तारीफ

Sun, 24 Oct 2021 07:29 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद

सार

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि रामवीर जी तो मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद नौकरी कर रहे थे। स्वच्छता की अलख जागी कि वो नौकरी छोड़कर तालाबों की सफाई में जुट गए।
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पॉन्डमैन रामवीर तंवर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंजीनियर की नौकरी छोड़ गौतमबुद्ध नगर के 28 साल के युवा ने पानी बचाने और तालाबों को संवारने की जिद ठानी तो चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की। डाढ़ागांव निवासी रामवीर तंवर गाजियाबाद नगर निगम के साथ मिलकर तालाबों की सफाई पर काम कर रहे हैं। युवा आईएएस अफसर महेंद्र सिंह तंवर और से-अर्थ संस्था के अध्यक्ष युवा पर्यावरण प्रेमी ने मिलकर गाजियाबाद के 11 ऐसे तालाबों को नया रूप दिया है जो कूड़े और गंदगी से भरे थे।

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रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजियाबाद में तालाबों की सफाई की मिसाल दी और रामवीर तंवर के प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री के मन की बात में गाजियाबाद की सराहना के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ट्वीट कर रामवीर तंवर और गाजियाबाद के तालाब सफाई के मॉडल की सराहना की। ग्रेटर नोएडा के एक कॉलेज से मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई (बीटेक) कर चुके रामवीर तंवर ने वर्ष 2015 में पढ़ाई के दौरान ही गांवों में मिनी चौपाल लगाकर पानी
 बचाने की मुहिम शुरू कर दी थी। वह पंपलेट बांटकर लोगों को पानी बचाने के लिए जागरूक करते थे। कुछ दिन यह काम इंजीनियरिंग की नौकरी के साथ-साथ किया, लेकिन इस मुहिम में नौकरी बाधा बनी तो रामवीर तंवर 2018 में नौकरी छोड़ तालाबों को बचाने में जुट गए।

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जलशक्ति मंत्रालय की ओर से किया गया पुरस्कृत
प्रयास यूथ फाउंडेशन के नाम से संस्था का गठन कर वह कई संस्थाओं से जुड़े और न सिर्फ गौतमबुद्ध नगर बल्कि आसपास के जिलों में भी तालाबों को बचाने का काम शुरू किया। उन्हें दो साल पहले ताइवान की ओर से और देश के जलशक्ति मंत्रालय की ओर से पुरस्कृत किया गया। 2019 में उन्हें श्रम सिद्ध सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। वह गाजियाबाद के अलावा सहारनपुर, पलवल, बुलंदशहर, खुर्जा, चंडीगढ़ में भी कई एनजीओ के साथ मिलकर तालाबों की सफाई करा चुके हैं।

पॉन्डमैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में रामवीर तंवर की गाजियाबाद में चलाई जा रही तालाबों को बचाने की मुहिम की सराहना की। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में एक युवा रामवीर तंवर को लोग ‘पॉन्डमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जानने लगे हैं। वह मेकेनिकल इंजीनियर की पढ़ाई करने के बाद नौकरी कर रहे थे। उनके मन में स्वच्छता की ऐसी अलख जगी कि वह नौकरी छोड़कर तालाबों की सफाई में जुट गए। वह अब तक कितने ही तालाबों की सफाई कर उन्हें पुनर्जीवित कर कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के प्रयास तभी पूरी तरह सफल होते हैं, जब हर नागरिक उसमें सहभागिता करे।
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कई करोड़ लीटर पानी संचय किया : नगरायुक्त
तालाबों को बचाने की मुहिम नगर निगम ने करीब 10 माह पहले शुरू की थी। बरसात से पहले10 तालाबों से गंदगी और कचरा निकालकर उन्हें पुनर्जीवित किया जा चुका है। बरसात का करोड़ों लीटर पानी इन तालाबों में पहुंचा है। तालाबों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। नगर निगम की यह मुहिम रामवीर तंवर की संस्था के साथ मिलकर अभी भी जारी है। तालाबों के आसपास खूबसूरत पेड़-पौधे लगाकर फुटपाथ का निर्माण भी कराया गया है।

देश में अगर तालाबों, झील और पोखरों को न सहेजा गया तो जल संकट इतना बढ़ जाएगा कि इससे निबटना मुश्किल हो जाएगा। तालाबों से प्राकृतिक तरीके से जल संचय होता है। इन्हें बचाना जरूरी है। छात्र जीवन से ही मुझे यह चिंता परेशान करती थी, इसलिए नौकरी छोड़कर तालाबों को बचाने की मुहिम शुरू कर दी। प्रधानमंत्री ने मेरी इस मुहिम का जिक्र मन की बात कार्यक्रम में किया, इससे मेरा उत्साह दोगुना हो गया है।
- रामवीर तंवर, अध्यक्ष, से-अर्थ संस्था
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