भिवानी। मनीषा मौत मामले की गुत्थी सुलझाने में सीबीआई की टीम पिछले 19 दिनों से जुटी है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मनीषा की मौत हत्या है या आत्महत्या। सोमवार को सीबीआई की टीम भिवानी के रेस्ट हाउस के बंद कमरे में ही मनीषा मौत से जुड़े सभी तथ्यों को खंगालने में लगी रही।
सिंघानी के प्ले स्कूल में रविवार को सीबीआई की टीम ने मनीषा के पिता संजय और मामा से पूछताछ की थी। इसके अलावा खल बिनौला दुकानदार से भी जानकारी जुटाई गई और लाइब्रेरी के आसपास छानबीन की गई। लेकिन सोमवार को पूरी टीम रेस्ट हाउस से बाहर नहीं निकली और बंद कमरे में ही मामले की प्रत्येक कड़ी जोड़ने में व्यस्त रही।
तीन सितंबर से ही सीबीआई मामले की जांच कर रही है। इस दौरान मनीषा के परिजनों से कई बार पूछताछ हो चुकी है। विशेष रूप से मनीषा के पिता संजय से लगभग सात से आठ बार विस्तार से जानकारी ली जा चुकी है।
वहीं लोहारू पुलिस थाना में लापरवाही के आरोपों की जांच भिवानी पुलिस कर रही है। इस मामले में तीन पुलिसकर्मी निलंबित हैं और थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया है।
मनीषा 11 अगस्त से लापता थी। उसका शव 13 अगस्त को सिंघानी में क्षत-विक्षत हालत में मिला था। उसके बाद से ही यह मामला लोगों के लिए मौत का रहस्य बना हुआ है। मनीषा के परिजन न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं लेकिन उनका सब्र भी अब जवाब देने लगा है।