एमिटी के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते उपराष्ट्रपति। अमर उजाला
नोएडा। जीवन में सफल होने के लिए अपने सपने को लक्ष्य मानकर कड़ी मेहनत से उसे पूरा करें और और भारत को मजबूत एवं समृद्ध बनाएं, यह आवश्यक है। यह बात देश के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सेक्टर-125 स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में चल रहे दो दिवसीय दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं से कही। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में वह उपराष्ट्रपति नहीं, बल्कि एक दादा के तौर पर पोती के लिए समारोह में आए हैं। उन्होंने डॉ. अशोक चौहान को शिक्षा के साथ मूल्यों और संस्कृति के साथ इतना बड़ा संस्थान बनाने के लिए बधाई भी दी। दीक्षांत समारोह के दूसरे दिन 9287 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई।
कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने कहा कि मैं बेहद खुश हैं कि हम अपनी नई शिक्षा नीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह नीति छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य में अहम भूमिका अदा करेगा। समारोह में मैनेजमेंट, आर्टस, लॉ, होटल मैनजमेंट, पत्रकारिता और टूरिज्म आदि के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। दूसरे दिन भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. कृष्णा एल्ला, क्कीन्स यूनिवर्सिटी बेलफास्ट के वाइस चांसलर इयान एंड्रयू को डाक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। दिल्ली नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के कार्डियोलॉजी के प्रमुख डॉ. विनोद शर्मा को प्रोफेसरशिप की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
उपराष्ट्रपति की नाती हिमानी सुषमा चौधरी को जर्नलिज्म पाठ्यक्रम के लिए डिग्री प्रदान की गई। उपराष्ट्रपति कार्यक्रम में करीब 20 मिनट तक मौजूद रहे। एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार चौहान, एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश के चांसलर डॉ. अतुल चौहान, विवि राजस्थान के चांसलर डॉ. असीम चौहान, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल की चेयरपर्सन डॉ. अमिता चौहान ने छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं। 32 छात्रों को बेस्ट ऑल राउंडर स्टूडेंट अवार्ड, 133 को स्वर्ण पदक, 136 को रजत पदक, 90 को कांस्य पदक, 8 को कॉरपोरेट अवार्ड एवं 99 छात्रों को बलजीज शास्त्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में टेक महिंद्रा के ग्लोबल हेड दिलीप वेंकटरमण, डॉ. बलविंदर शुक्ला, एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डॉ. डब्लू सेल्वामूर्ती सहित कई लोग उपस्थित रहे।