दिल्ली के तुगलकाबाद में शिरोमणि संत रविदास के मंदिर को तोड़े जाने के विरोध में अनुसूचित जाति के सैकड़ों लोगों ने मंगलवार को जिला सचिवालय में एसडीएम प्रदीप अहलावत से मुलाकात की। इस दौरान लोगों ने एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के मंदिर तोड़ने के फैसले को गलत ठहराते हुए कहा कि इस फैसले से बहुजन समाज के लोगों को गहरा आघात पहुंचा है। लोगों का कहना है कि मामले में केंद्र व दिल्ली सरकार ने अदालत में ठोस कार्रवाई नहीं की जो निंदनीय है।
इसे वह किसी कीमत पर सहन नहीं करेंगे। इसके विरोध में जिले के पूरे बहुजन समाज को आज एक मंच का आना पड़ा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द फिर से उसी स्थान पर मंदिर की स्थापना कराई जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को संसद में प्रस्ताव पारित कर बदला जाए।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में सही तथ्य नहीं रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की गई कि इस मामले में लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए हस्तक्षेप किया जाए। साकारात्मक परिणाम आने पर ही उनका गुस्सा शांत होगा। इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।