फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कबीले के सरदार की तरह बड़े को खुश करने में लगे एलजी : सिसोदिया

विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा में उपमुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल पर असंवैधानिक रूप से काम करने का आरोप लगाया
विज्ञापन

पीठासीन अधिकारी, महापौर चुनाव व पार्षद मनोेनीत करने के संबंध में प्रस्ताव पास किया
अमर उजाला ब्यूरोे
नई दिल्ली।
विधानसभा में बुधवार को एमसीडी के महापौर चुनाव, पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने और 10 पार्षद मनोनीत करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। इस दौरान उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल (एलजी) पर संविधान का उल्लंघन कर कार्य करने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता ने आरोपों को सिरेे से खारिज किया। सदन में चर्चा के बाद संकल्प पत्र पास किया गया, जिसमें दिल्ली सरकार की सहमति से एमसीडी में नियुक्ति करने की मांग की गई।
विधानसभा में सिसोदिया ने कहा कि उपराज्यपाल लगातार दिल्ली सरकार को बाईपास करते हुए संविधान और लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं। वह एक कबीले के सरदार की तरह अपने बड़े सरदार को खुश करने के लिए असंवैधानिक रूप से काम कर रहे हैं, जबकि उनका काम अपने बड़े सरदार का हुक्म मानना नहीं, बल्कि संविधान के तहत कार्य करना है। कोर्ट ने भी कहा है कि दिल्ली में प्रशासक चुनी हुई सरकार को केवल सलाह देने का काम करेंगे, लेकिन उपराज्यपाल ने सरकार को बाईपास करके संविधान का अपमान किया है। वह अधिकारियों को सस्पेंड करने की धमकी देकर उनसे असंवैधानिक तरीके से काम करा रहे हैं। इसका मुख्य उदाहरण एमसीडी में पीठासीन अधिकारी व हज कमेटी के सदस्यों की नियुक्ति है। उन्होंने उपराज्यपाल से अपील की कि वे संवैधानिक पद पर होने के नाते संविधान का पालन करें और बड़े सरदार को खुश करने की जगह जनता के लिए काम करें।
विज्ञापन

सिसोदिया ने कहा कि संविधान ने एमसीडी में पार्षद मनोनीत करने का अधिकार राज्य सरकार को दे रखा है, लेकिन उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार को बाईपास कर भाजपा नेताओं को पार्षद मनोेनीत कर दिया। इसी तरह उन्होंने कांग्रेस की एक पार्षद को हज कमेटी का सदस्य बना दिया, क्योंकि भाजपा को कांग्रेस के वोट चाहिए। इसके अलावा उन्होंने एमसीडी में पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने में दिल्ली सरकार की उपेक्षा की। दिल्ली सरकार ने सबसे वरिष्ठ पार्षद का नाम भेजा था, लेकिन उपराज्यपाल गुमराह करते हुए कह रहे है कि उनके पास छह नाम भेजे गए।
विज्ञापन



एमसीडी में उपराज्यपाल नहीं कर रहेे दखल : गुप्ता
विधानसभा में विधायक विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि एमसीडी के कामकाज में उपराज्यपाल कोई दखल नहीं देे रहे हैं। आप विधायक उनकी भूमिका को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। डीएमसी एक्ट संसद का एक्ट है और दिल्ली सरकार के दायरे में नहीं आता है। यह एक्ट संसद में पारित, निर्धारित और संशोधित है। इस एक्ट के माध्यम से दिल्ली में एमसीडी को समानांतर सरकार चलाने वाली एक स्वायत्त संस्था के रूप में स्थापित किया गया। यह किसी भी तरह से दिल्ली सरकार के नियंत्रण में नहीं है। एक्ट में उपराज्यपाल को एमसीडी का प्रशासक माना जाता है और वे अपनी भूमिका निभाने के लिए दिल्ली सरकार की सहायता या सलाह से बंधे हुए नहीं हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें