लखनऊ। अपहरण कर हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को गाड़ने के आरोपी सुजीत कुमार धानुक को दोषी ठहराकर एडीजे रोहित सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसे 70 हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया है। आरोपी रहे अमित बत्रा और दुर्गेश कुमार धानुक को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अन्य आरोपी सज्जन लाल की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।
अभियोजन ने बताया कि वादी सच्चानंद मंगलानी ने तीन फरवरी 2015 को कृष्णानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दो फरवरी की दोपहर तीन बजे उनका बेटा हर्ष मंगलानी कहीं चला गया था। काफी ढूंढने पर भी उसका पता नहीं चला। इसके बाद वादी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी के अर्द्धनिर्मित मकान से हर्ष का शव बरामद किया था। आरोपी की निशानदेही पर हर्ष की अंगूठी और घड़ी बरामद की। पुलिस ने आरोपी सुजीत कुमार धानुक, अमित बत्रा, दुर्गेश और सज्जन लाल के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।