कहा- आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय लोगों के कल्याण में देरी सही नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदूषण की रोकथाम के लिए फिर से नियुक्त होने वाले मार्शलों से जुड़े प्रस्ताव को लेकर उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री आतिशी को पत्र लिखा है। पत्र में वीके सक्सेना ने कहा है कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की पुनर्नियुक्ति के लिए अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। बेशक, आप और पार्टी के नेता मार्शलों की बहाली का श्रेय लेने की राजनीति करते हैं, लेकिन इन आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय लोगों के कल्याण में और देरी किसी भी तरह से सही नहीं है।
उन्होंने दिल्ली सरकार से तत्काल और दीर्घकालिक नियुक्ति के लिए एक ठोस योजना बनाने को भी कहा। 24 अक्तूबर को मुख्यमंत्री को लिखे अपने पहले के पत्र का हवाला देते हुए सक्सेना ने कहा कि उन्होंने 1 नवंबर से फिर से नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। दीर्घकालिक नियुक्ति के लिए एक व्यापक प्रस्ताव मांगा गया था। दिल्ली में प्रदूषण से निपटने में मदद करने के लिए इन्हें लगाने का आदेश दिया था। दिल्ली में प्रदूषण अपने चरम पर है और अगर इन स्वयंसेवकों को समय पर फिर से नियुक्त किया जाता तो वे निश्चित रूप से स्थिति से निपटने में मददगार साबित होते। साथ ही, खुद भी लाभान्वित होते। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले को तेजी से सुलझाने और अधिकारियों को स्वयंसेवकों की बहाली के लिए प्रस्ताव पेश करने का निर्देश देने को कहा है।
जल्द होंगे बस मार्शल बहाल : आप
आप ने कहा कि केजरीवाल ने महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 2015 में बस मार्शल की नियुक्ति की थी। भाजपा ने राजनीति करते हुए बिना किसी सुनवाई के दस हजार से अधिक बस मार्शलों को नौकरी से निकाल दिया। आप ने इनकी बहाली के लिए सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष किया और बस मार्शलों के साथ खड़ी रही। भाजपा ने केजरीवाल को झूठे आरोपों में जेल में डालकर दिल्ली में मिल रही सुविधाओं को रोकने का हर संभव प्रयास किया। काफी लोगों की नौकरी भी छीन ली, लेकिन अब केजरीवाल जेल से बाहर आ गए हैं और दिल्ली वालों के सारे काम करवा रहे हैं। जल्द ही बस मार्शलों की नौकरियां भी बहाल होंगी।