गुरुग्राम के सेक्टर-92 में यूनिवर्सल आरा प्रोजेक्ट में 485 खरीदारों से धोखाधड़ी का है आरोप
एक-एक लाख रुपये का घोषित था इनाम, नोएडा से पकड़े
मामले में एक आरोपी बीते सप्ताह हो चुका है गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पुलिस की स्पेशल सेल ने फ्लैट दिलाने के नाम पर 300 करोड़ रुपये ठगने के मामले में यूनिवर्सल बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के दो निदेशकों रमन पुरी व बेटे विक्रम पुरी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। इनकी गिरफ्तारी पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने बीते सप्ताह रमन के दूसरे बेटे वरुण पुरी को इंदौर से गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी के 46 मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, एसीपी संजय दत्त व इंस्पेक्टर मनेंद्र सिंह, नीरज कुमार और संदीप यादव के नेतृत्व में टीम ने आरोपियों काे गिरफ्तार किया है। यूनिवर्सल बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड ने गुरुग्राम सेक्टर-92 में यूनिवर्सल आरा प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसमें बताया गया था कि 2010 तक फ्लैट उपलब्ध करा दिए जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कुल 485 खरीदारों से 300 करोड़ रुपये लिए गए। काफी समय बीतने के बाद भी जब फ्लैट नहीं दिए गए तो इसकी शिकायत पुलिस से की गई। जांच में पता चला कि तीनों निदेशक फरार हो गए हैं। आरोपियों के खिलाफ पांच मामले आर्थिक अपराध शाखा में भी दर्ज किए गए। पुलिस आयुक्त ने वरुण, विक्रम और रमन पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
वरुण को पहले पकड़ा
25 अक्तूबर को इंदौर से वरुण को गिरफ्तार किया गया। इससे पूछताछ के बाद पता चला कि भाई विक्रम पुरी और पिता रमन पुरी नोएडा में रह रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने विक्रम को बायो डायवर्सिटी पार्क, सेक्टर-91, नोएडा से पकड़ लिया। पूछताछ में विक्रम ने बताया कि पिता नोएडा के सेक्टर-135 के स्थित एक फ्लैट में हैं। इसके बाद रमन को भी पकड़ लिया गया।
वर्ष 2005 में शुरू की थी कंपनी
रमन ने दिल्ली से बीएससी की पढ़ाई की है। शुरू में रमन ने प्रापर्टी डीलिंग का काम शुरू किया। वर्ष 2005 में उसने विक्रम और वरुण के साथ मिलकर यूनिवर्सल बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी शुरू की। कंपनी दिल्ली-एनसीआर में फ्लैट और वाणिज्यिक परियोजनाओं पर काम करती है।