महिला बनकर लोगों को नेट पर समय बिताने की बात कहकर झांसे में लेता था
एक बैंक खाते में सप्ताह के भीतर कुल 7.35 करोड़ रुपये का हुआ लेनदेन
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150 से ज्यादा लोगों को ठग चुका है आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दक्षिण-पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने महिला बनकर लोगों को नेट पर समय बिताने की बात कहकर मोटी रकम कमाने का झांसा देकर ठगने वाले अंकित गुप्ता को कानपुर से गिरफ्तार किया है। पीड़ित से आरोपी पूरी जानकारी लेकर पैसे ऐंठ लेता था। आरोपी के खाते में एक सप्ताह में 7.38 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है और 150 से ज्यादा लोगों को ठग चुका है। आरोपी इंजीनियर की पढ़ाई बीच में छोड़कर लोगों को ठग रहा था।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा के अनुसार, साध नगर, पालम निवासी धन सिंह ने 26 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई कि वह 10 अप्रैल को टेलीग्राम ऐप से एक महिला के संपर्क में आए। महिला ने उन्हें बिना किसी निवेश के इंटरनेट पर रोजाना सिर्फ 1-2 घंटे बिताकर अपनी नियमित आय के अलावा अतिरिक्त आय अर्जित करने का लालच दिया। इसके बाद उसने फार्म लिंक शेयर किया। आरोपी ने खाता खोलने के लिए सभी विवरण यानी नाम, आयु, व्यवसाय, वैवाहिक स्थिति के साथ बैंक खाते का विवरण भरने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने सभी विवरण भर दिए। इसके बाद शिकायतकर्ता को टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा गया और निवेश के बाद अच्छे रिटर्न के लिए पीड़ित से 7,48,574 रुपये ठग लिए।इसके बाद मामला दर्ज कर साइबर थाना प्रभारी विकास कुमार की टीम ने जांच शुरू की।
कानपुर में दबिश देकर दबोचा
जांच में आरोपी के यस बैंक के खाते की स्टेटमेंट खंगाली तो पता चला कि एक सप्ताह के भीतर इस खाते में कुल 7.35 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। खाता फर्म मेसर्स प्रिवलेज कानपुर लेदर बेल्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पंजीकृत था और इसमें पता फ्लैट नंबर 34, ब्लॉक डी-9, तीसरी मंजिल पॉकेट 8, सेक्टर 23बी, द्वारका दिया हुआ है। जांच में आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम ने कानपुर में दबिश दी। इसके बाद पुलिस ने श्याम सदन एन/2 रोड, लाल बंगला, कानपुर निवासी अंकित गुप्ता को कानपुर के थाना चकेरी से गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि आरोपी के खिलाफ कुल 12 एनसीआरपी शिकायतें हैं। आरोपी फर्जी फर्मों के बैंक खाते खोलकर जालसाजों को बेच देता था। उसने चार बैंक खाते बेचे हैं।
चार फर्में बनाईं, खाते खुलवाए
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने सह आरोपी आर के साथ मिलकर अपने नाम पर चार फर्जी फर्म पंजीकृत कराईं और खाते भी खुलवाए। उसे सभी खातों की बैंक किट प्राप्त कर सह आरोपी को खाते बेच दिए। सह आरोपी से उसकी मुलाकात लक्ष्मी नगर, दिल्ली में हुई थी।अंकित एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज गाजियाबाद से बीटेक (कंप्यूटर साइंस) कर रहा था, लेकिन पढ़ाई बीच में छोड़कर ठगी करने लगा। बाद में इंस्टाग्राम से सह आरोपी आर के संपर्क में आया। आरोपी किराये के मकानों में रहता था और इन पतों पर आधार कार्ड, पैन कार्ड बनवाता था। बाद में फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर फर्जी फर्मों के खाते खुलवा लेता था।