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फर्जी कंपनी मामला: फिरौती वसूलकर तीन दिन बाद छोड़ा, सवा दो साल बाद केस

Sun, 15 May 2022 05:20 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, ग्रेटर नोएडा।

सार

घटना के बाद ही दिल्ली के मंडावली थाने में शिकायत दी गई थी और वहां जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित को धमकियां दे रहे हैं। अब, इस मामले में ईकोटेक-3 थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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दिल्ली निवासी मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) समेत सात लोगों ने अपनी कंपनी के ही एक कंट्री हेड को ईकोटेक-3 स्थित फैक्टरी में तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा। आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी देकर बिहार से पिता को ग्रेटर नोएडा बुलाया और फिरौती में दिल्ली का एक मकान व लोन लेकर खरीदी गई कार अपने नाम कराने के बाद छोड़ दिया। घटना मार्च 2020 की है।

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घटना के बाद ही दिल्ली के मंडावली थाने में शिकायत दी गई थी और वहां जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित को धमकियां दे रहे हैं। अब, इस मामले में ईकोटेक-3 थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस के अनुसार, मूलरूप से बिहार निवासी चंदन कुमार सिंह का आरोप है कि 2018 में उसने आयुर्वेद आधार इंडिया लिमिटेड कंपनी में कंट्री हेड के पद पर ज्वाइन किया था।

 कंपनी का दफ्तर दिल्ली के पीतमपुरा में है और चंदन पांडव नगर में रहकर दफ्तर जाता था। कंपनी के एमडी दीपक त्रिपाठी ने अलग-अलग नाम से कई फर्जी कंपनियां बना रखी थीं। इसका चंदन विरोध करता था। इस दौरान चंदन ने पिता के नाम पर फाइनेंस पर एक नई कार खरीदी थी।
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एमडी कंपनी के रुपये से कार खरीदने का शक करने लगा। आरोपी ने 5 मार्च 2020 को कॉल कर चंदन को बुलाया और ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्टरी में ले आया। आरोपी ने यहां उसे बंधक बनाकर रखा और फिरौती के लिए पिता को कॉल कर दी।

वर्दी पहनकर आया खुद को पुलिसकर्मी बताने वाला आरोपी
चंदन सिंह का आरोप है कि उस दौरान फैक्टरी में एक आरोपी वर्दी पहनकर आया था और खुद को परी चौक पर तैनात बता रहा था। आरोपी ने उसे और पिता को रुपये देने के लिए धमकाया। वहीं, एक व्यक्ति खुद को वकील बता रहा था।

आरोपियों ने कुछ कागजात पर चंदन और पिता के हस्ताक्षर आदि कराकर दिल्ली का एक मकान और नई फाइनेंस पर खरीदी गई कार नाम करा ली। हालांकि, मकान चंदन की मां के नाम होने के कारण वह उस पर कब्जा नहीं कर पाया, लेकिन आरोपी ने कार अभी भी नहीं लौटाई है।

पोंजी स्कीम चलाकर ठगे करोड़ों रुपये
चंदन का कहना है कि आरोपी एमडी ने अलग-अलग नाम से कई कंपनियां बनाईं हुई हैं। आरोपी अपनी आयुर्वेद की कंपनी से जुड़े ग्राहकों को पोंजी स्कीम में फंसाता था। आयुर्वेद कंपनी में काम चंदन देख रहा था, इसके कारण वह पोंजी स्कीम और ग्राहकों को फंसाने का विरोध करता था। आरोप है कि बाद में आरोपी कंपनियां व दफ्तर बंद कर फरार हो गया। आरोपी ने सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ठगे हैं। उसके खिलाफ कई धोखाधड़ी के केस भी दर्ज हैं।

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