नूंह। सरकार की योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को बीपीएल कॉलोनियों में उपलब्ध करवाए गए निशुल्क 100-100 गज के आवासीय प्लॉट में जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिससे लोगों में रोष है। इस संबंध में लोग कई बार प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है।
नूंह खंड के गांव सलंबा, मालब, कोटला, दिहाना, खेड़ला, घासेड़ा, मेवली, सूड़ाका, खेड़ली दोसा सहित अन्य गांवों में बीपीएल की आवासीय कॉलोनी में वर्षों बीत जाने के बाद भी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। सरकार द्वारा किस्त नहीं मिलने के कारण मकान अधूरे पड़े हैं। यह स्थिति अकेले नूंह खंड के इन गांवों में ही नहीं बल्कि जिले के पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका, नगीना, तावडू, पिनगवां व इंडरी खंडों सहित हर बड़े गांवों में है। लेकिन, जगह के अभाव के कारण उनको यहां पर ही रहना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि बीपीएल कॉलोनियों में बिजली, पानी, सड़क की सुविधा नहीं है। कॉलोनीवासी कई बार सुविधाओं की मांगों को लेकर प्रशासन व सरकार से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है। कॉलोनियों में सुविधाओं के अभाव के कारण लोग कॉलोनी में अपने आवासों का निर्माण नहीं कर पा रहे हैं।
सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्रशासन नाकाम
सलंबा की डहर कालोनी निवासी जैकम, लाहलर कॉलोनी निवासी कलाम, सलाम और घासेड़ा की घासेड़ा असद कॉलोनीवासी दीन मोहम्मद, तैय्यब, इमरान, सैकुल, इरफान, दिलशाद, कोटला की बीपीएल कॉलोनी निवासी नियाज मोहम्मद, नसीम, लल्लू व इरशाद ने बताया कि उनको यहां पर बसे हुए कई साल हो गए हैं, लेकिन अब तक बिजली, पानी, सड़क की सुविधा मुहैया नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा केवल 100-100 गज के प्लॉट देने की खानापूर्ति की गई। उन्हें आवास योजना का भी लाभ नहीं मिला। वह जैसे-तैसे यहां पर रह रहे हैं। प्रशासन उनको सुविधाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह से नाकाम है। उन्होंने बताया कि वर्षों पूर्व सरकार ने उनको प्लाट जरूर दिए हैं, लेकिन एक-दो परिवारों को छोड़कर अधिकतर लोगों के मकान किस्तों के अभाव में अधूरे पड़े हैं।
बीपीएल कॉलोनी में सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे। इस बारे में नूंह और इंडरी खंड के गांवों की जानकारी ली जाएगी। अधिकारियों को अवगत कराकर बीपीएल कॉलोनियों में लोगों को जरूरी सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा। जिन परिवारों को आवास निर्माण के लिए किस्त नहीं दी गई है, उनके बारे में भी जानकारी ली जाएगी।
- अजय कुमार, उपायुक्त नूंह