ग्रेटर नोएडा जनपद में किसान सम्मान निधि 152 मृत किसानों के बैंक खातों में पहुंच गई। जांच के बाद मामला प्रकाश में आया। अब अधिकारी किसानों के खातों में जमा कराई गई रकम को वापस कराने की प्रक्रिया में जुट गए हैं। हालांकि, इस लापरवाही के पीछे क्या कार्रवाई होगी, इस पर अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
जिला कृषि अधिकारी मनवीर सिंह ने बताया कि किसान सम्मान निधि योजना की जांच के दौरान 152 किसानों को चिह्नित किया गया है, जिनकी कई साल पहले मौत हो चुकी है। इसके बावजूद उनके खाते में किसान सम्मान निधि जा रही थी। इन किसानों की मौत के बाद परिजनों ने भी विभाग से संपर्क नहीं किया। इस वजह से मामले की जानकारी नहीं हो सकी। अब इन किसानों के परिजनों से संपर्क कर खातों में जमा कराई गई राशि वापस कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही राशि वापस करा ली जाएगी।
उन्होंने बताया कि करीब 5 लाख रुपये विभिन्न खातों में भेजने का अनुमान है। विभागीय स्तर पर इसकी जांच की जा रही है। ऐसे में कुल रकम की जानकारी नहीं दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत छह माह में 2000 रुपये किसान सम्मान निधि के रूप में खातों में भेजे जाते हैं। एक साल में दो बार रकम भेजी जाती है। कुछ किसानों के खातों में एक बार और कुछ के खातों में दो बार राशि भेजी गई है।
किसान सभा ने तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं
भारतीय किसान सभा के पदाधिकारियों ने ग्रेनो प्राधिकरण कार्यालय से कुछ दूर कृषि कानूनों के संबंध में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां भी जलाईं। सभा संरक्षक जगदीश नंबरदार ने कहा कि सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना होगा। इन कानूनों से किसानों का भला नहीं होने वाला है। मौके पर संयोजक वीर सिंह नागर, प्रवक्ता डॉ. रूपेश वर्मा समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।