अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली में शराब नीति लागू करते समय किसी की भी नहीं मानी। यहां तक कि अपने गुरु अन्ना हजारे की भी नहीं सुनी। विधानसभा में भाजपा की सलाह पर भी अमल नहीं किया। यही वजह है कि अब उन्हें ये दिन देखने पड़ रहे हैं। वास्तव में उन्होंने दिल्ली में शराब नीति लागू करते समय किसी की सलाह की परवाह नहीं की। अन्ना हजारे ने उन्हें उस समय भी स्वराज की याद दिलाते हुए कहा था कि पुस्तक में उन्होंने बड़ी-बड़ी बातें कही हैं, लेकिन दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद उन सब बातों को भूल गए। इसके बावजूद केजरीवाल ने बातों पर गौर नहीं किया। शराब के भ्रष्टाचार का ऐसा चस्का लगा कि वह सारे वादे भूल गए।
आतिशी व गोपाल राय कर रहे राजनीतिक विलाप : सचदेवा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है की दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय व आतिशी राजनीतिक विलाप कर रहे है। उनका यह कहना कि भाजपा ने केजरीवाल को गिरफ्तार कर लोकतंत्र की हत्या की है, महज एक राजनीतिक ड्रामा है। निस्संदेह लोकतंत्र में जनता सरकार चुनती है, सरकार को हटाती है, लेकिन जनता जिस सरकार को चुनती है, उसे भ्रष्टाचार की छूट नही देती है। सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है न कि जनता को लूटने के लिए होती है। आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन की घोषणा महज एक शोर बनकर रह गया।