शकूर बस्ती के रेलवे झुग्गी कैंप में आप संयोजक ने लोगों से की मुलाकात
कहा, भाजपा वालों ने तैयार कर रखी है दिल्ली की झुग्गियां तोड़ने की योजना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
विधानसभा चुनाव की सियासी जंग हर दिन नई करवट ले रही है। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल रविवार को शकूर बस्ती के रेलवे झुग्गी कैंप में पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने चुनौती दी कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 24 घंटे में झुग्गीवासियों के खिलाफ चल रहे सभी केस वापस लें और जिनकी झुग्गियां तोड़ी हैं, उन्हें पुरानी जगह पर दोबारा बसाएं तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा न होने पर वे चुनाव लड़ेंगे और ढाल बनकर झुग्गीवासियों के लिए खड़े भी रहेंगे।
केजरीवाल ने कहा कि दस साल में भाजपा ने कई झुग्गियों को तोड़ा है। चुनाव नजदीक होने पर अब भाजपा का झुग्गीवासियों के प्रति मोह बढ़ता जा रहा है। भाजपा को चुनाव में झुग्गीवासियों के वोट चाहिए। शनिवार को अमित शाह ने झुग्गीवासियों से झूठ कहा और गुमराह करने की कोशिश की। गृहमंत्री जहां झुग्गी-वहां मकान का वायदा कर रहे हैं। आप की भी यह नीति है, लेकिन भाजपा वाले यह नहीं बता रहे हैं कि किसका मकान? जहां झुग्गी वहां इनके दोस्त का मकान, जहां झुग्गी वहां बिल्डरों के मकान। दस साल में जितने झुग्गी वालों को बेघर किया है, उनके सारे कोर्ट शाह अगले 24 घंटे में वापस लें। कोर्ट में एफिडेविट फाइल कर दें कि दस साल में जितनी झुग्गियां तोड़ी हैं, उन्हें वापस लाकर वहीं बसाएंगे।
दावा, चुनाव बाद भाजपा तोड़ेगी झुग्गियां
केजरीवाल के मुताबिक, भाजपा कह रही है कि रेलवे झुग्गी कैंप के लिए जहां झुग्गी, वहां मकान देंगे, जबकि सितंबर में रेलवे ने इस जमीन के टेंडर कर दिए हैं। 27 दिसंबर को एलजी ने यहां का लैंड यूज बदल दिया था। चुनाव खत्म होते ही झुग्गियां तोड़ दी जाएंगी। बीते 10 साल में भाजपा ने कालकाजी और अशोक विहार में सिर्फ 4,700 मकान बनाए हैं, जबकि दिल्ली में चार लाख झुग्गियां हैं।
2015 में नहीं टूटने दी थी झुग्गियां
केजरीवाल ने कहा कि दिसंबर 2015 में भाजपा ने रेलवे झुग्गी कैंप को तोड़ने की कोशिश की थी, तब उन्होंने झुग्गियां टूटने नहीं दी थीं। अगर कोई दूसरा सीएम होता तो यह लोग झुग्गी तोड़ देते। अब ये लोग दिल्ली की सभी झुग्गियां तोड़ने की योजना बनाकर बैठे हैं। एक साल में सारी झुग्गियां तोड़ दी जाएंगी। भाजपा ने तुगलकाबाद, महरौली, नई दिल्ली, प्रगति मैदान, नानकपुरा, यमुना पुस्ता, संगम विहार और नजफगढ़ की झुग्गियां तोड़ दी हैं। इससे दस वर्षों में दिल्ली में तीन लाख लोग बेघर हो गए हैं।