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Noida News: सिद्धि-शिववास योग में करवाचौथ आज, सौभाग्य की दीर्घायु के महिलाएं रखेंगी व्रत

Fri, 10 Oct 2025 12:25 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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मेहंदी के रंग : करवाचौथ की पूर्व संध्या पर आर्य कॉलेज में मेहंदी दिखाती अध्यापिका और छात्राएं।  - फोटो : मिहींपुरवा-बिछिया मार्ग पर रास्ता पार करता हा​थियों का झुंड।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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पानीपत। कार्तिक की चतुर्थी को करवाचौथ का व्रत शुक्रवार को सिद्धि-शिववास योग में रखा जाएगा। चतुर्थ तिथि का सूर्योदय वीरवार को रात्रि में होगा और शुक्रवार रात्रि तक रहेगा। सुख-समृद्धि का प्रतीक करवाचौथ का व्रत सुहागिनें स्त्री शुक्रवार को और अहोई अष्टमी का व्रत सोमवार को रखा जाएगा। सिद्धि-शिववास योग में करवाचौथ का व्रत रखने से सुहागिनों की मनोकामना पूर्ण होंगी।
प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर का आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि करवाचौथ का सूर्योदय वीरवार रात्रि 10:58 से शुरू शुक्रवार को रात 7:38 तक होगा। शुक्रवार को कथा सुनने का शुभ समय सायं 5:58 से 7:11 बजे तक रहेगा। चंद्रोदय का समय रात्रि 8:13 से नौ बजे तक रहेगा। पति की दीर्घायु और सुख-सौभाग्य की कामना के साथ सुहागिनें निर्जला उपवास रखेंगी। देव गुरु मिथुन राशि में रहेंगे। भगवान शिव, माता पार्वती गणेश और चौथ माता की पूजा की जाएगी। सिद्धि-शिववास योग होने से व्रत अधिक फलदायी रहेगा। सुहागिनों की मनोकामना पूर्ण होंगी। रात्रि को चंद्रोदय के बाद ही सुहागिनें अपने व्रत का पारण कर सकेंगी। शिववास का अर्थ है भगवान शिव का निवास। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब शिववास कैलाश पर होता है तो वह समय पूजा-पाठ, रुद्राभिषेक और व्रत के लिए शुभ माना जाता है। शिवयोग में पूजा करने से शिव और पार्वती का आशीर्वाद जल्दी प्राप्त होता है।
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संतान की दीर्घायु- समृद्धि के लिए अहोई अष्टमी का व्रत सोमवार को
पंडित प्रवीन शास्त्री ने बताया कि अहोई अष्टमी का व्रत कार्तिक की अष्टमी सोमवार को रखा जाएगा। माताएं अपनी संतान की सुख-समृद्धि व दीर्घायु के लिए अहोई माता का व्रत रखेंगी और पूजा-अर्चना करेंगी। अहोई अष्टमी पर कथा सुनने का समय सायं 5:53 से 7:08 तक रहेगा। माताएं तारों को देखकर व्रत का पारण कर सकेंगी।
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