बटेश्वर दंगल में कुश्ती लड़ती महिला पहलवान
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बाह (आगरा)। कुश्ती दंगल में अकोला की कामिनी का जज्बा देखिए, वह मलपुरा के पुरुष पहलवान कुंदन से भिड़ गई। करीब 5 मिनट चली कुश्ती में कामिनी ने न सिर्फ कुंदन के दांवपेच से अपना बचाव किया, बल्कि उसे पटखनी देकर दर्शकों का दिल जीत लिया।
बैकुंठी देवी महाविद्यालय आगरा में बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही कामिनी ने बताया कि वह जयपुर में 24 नवंबर से 5 दिसंबर तक आयोजित होने वाली खेलो इंडिया में 55 किलो भार वर्ग में कुश्ती की तैयारी कर रही हैं। नेशनल में एक रजत पदक एवं दो कांस्य पदक जीते हैं। इस साल गुरु काशी विश्वविद्यालय पंजाब में आयोजित ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में डॉ. बीआर आंबेडकर यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करते हुए इसी केटेगरी में कांस्य पदक जीता था। वह दुनिया में देश के लिए पदक जीतना चाहती है। यही बजह है कि पुरुष पहलवानों के साथ कुश्ती दंगलों में लड़ रही है। पिता शेषपाल सिंह, मां राधा देवी उनका हौसला बढ़ाती हैं। पिछले साल नेशनल गेम्स में कुश्ती का सिल्वर मेडल जीतने वाली दाऊजी मथुरा की खुशी परिहार ने आगरा की पूजा को सिर्फ एक मिनट में पटखनी दे दी। स्पोर्ट्स काॅलेज गोरखपुर में रह कर कुश्ती के दांव पेच सीख रही खुशी परिहार के सामने पूजा टिक नहीं पाई। जीत के साथ खुशी परिहार ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।